
Investment in Crypto Market: अक्सर लोग यह सवाल करते हैं कि क्रिप्टो ट्रेडिंग किस समय करना सबसे सही रहता है। क्योंकि क्रिप्टो मार्केट कभी बंद नहीं होता। रात हो या दिन, रविवार हो या त्योहार, ट्रेडिंग लगातार चलती रहती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर घंटे कमाई का मौका बराबर होता है। सच तो यह है कि कुछ घंटे ऐसे होते हैं जब बाजार में जान आ जाती है, जबकि कुछ समय ऐसा होता है जब ट्रेडर चाहकर भी अच्छे मौके नहीं ढूंढ़ पाते।
मास्टरट्रस्ट के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ रवि सिंह ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि भारतीय निवेशकों के लिए शाम का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर शाम 6:30 बजे से रात 10:30 बजे के बीच का चार घंटे का स्लॉट सबसे अहम है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इसी दौरान यूरोप और अमेरिका के बड़े बाजार एक साथ एक्टिव रहते हैं। जब दुनिया के दो सबसे बड़े फाइनेंशियल सेंटर एक साथ जाग रहे हों, तो बाजार में हलचल बढ़ना स्वाभाविक है।
शाम 6:30 बजे के बाद यूरोपीय और अमेरिकी ट्रेडर्स दोनों बाजार में मौजूद रहते हैं। नतीजा यह होता है कि खरीदने और बेचने वालों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ता है, स्प्रेड कम होता है और कीमतों में साफ मूवमेंट देखने को मिलता है।
यही वह समय भी होता है जब अमेरिका से जुड़े बड़े आर्थिक आंकड़े, महंगाई के डेटा, ETF फ्लो और अन्य महत्वपूर्ण खबरें सामने आती हैं। कई बार पूरे दिन की सबसे बड़ी चाल इसी दौरान देखने को मिलती है।
हर ट्रेडर की रणनीति अलग होती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि दिन का कौन-सा हिस्सा किस तरह के निवेशकों के लिए बेहतर माना जाता है।
दोपहर 1:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक: इस दौरान यूरोपीय बाजार खुलते हैं। बाजार में धीरे-धीरे वॉल्यूम बढ़ना शुरू होता है। नए ट्रेंड पकड़ने और शुरुआती संकेत देखने के लिए यह समय अच्छा माना जाता है।
शाम 6:30 बजे से रात 10:30 बजे तक: इस समय यूरोप और अमेरिका दोनों एक्टिव रहते हैं। यही सबसे ज्यादा लिक्विडिटी वाला समय होता है। अधिकांश निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए यह सबसे बेहतर ट्रेडिंग विंडो मानी जाती है।
रात 10:30 बजे से 1:30 बजे तक: यह वह समय है, जब अमेरिकी बाजार पूरी तरह हावी रहते हैं। इस दौरान उतार-चढ़ाव तेज हो सकता है। डे ट्रेडर्स और स्कैल्पर्स के लिए यह समय काफी उपयोगी माना जाता है।
सुबह 2 बजे से सुबह 6 बजे तक: यह वह समय है जब बाजार में अक्सर सन्नाटा रहता है। वॉल्यूम कम होता है और कीमतों में अचानक झटके देखने को मिल सकते हैं। ज्यादातर एक्सपर्ट इस दौरान ट्रेडिंग से बचने की सलाह देते हैं।
क्रिप्टो में वोलैटिलिटी यानी कीमतों का तेजी से ऊपर-नीचे होना कई ट्रेडर्स के लिए कमाई का मौका होता है। लेकिन यह मौका हर समय नहीं मिलता। भारतीय समय के अनुसार शाम 6 बजे से रात 1 बजे तक बाजार सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है। वहीं, रात 8:30 बजे से रात 2 बजे तक अमेरिकी बाजार के प्रभाव के कारण कीमतों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसके उलट सुबह के समय बाजार अपेक्षाकृत शांत रहता है और बड़े ब्रेकआउट कम देखने को मिलते हैं।
अक्सर लोग यह जानने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं कि ट्रेड कब करें। लेकिन अनुभवी ट्रेडर्स कहते हैं कि यह जानना भी उतना ही जरूरी है कि ट्रेड कब नहीं करना चाहिए।
इस दौरान लिक्विडिटी कम रहती है। स्प्रेड बढ़ जाते हैं और कई बार ऑर्डर अपेक्षित कीमत पर नहीं भरते। जोखिम बढ़ जाता है।
शनिवार और रविवार को ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी घट जाता है। ऐसे माहौल में अचानक बड़े उछाल या तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। कई बार छोटे ऑर्डर भी कीमतों को ज्यादा प्रभावित कर देते हैं।
अगर आपको लगता है कि सही समय पर ट्रेड करने से मुनाफा तय हो जाता है, तो यह सच नहीं है। अच्छा समय मौके देता है, रिटर्न की गारंटी नहीं। ट्रेड करने से पहले मार्केट वॉल्यूम, वोलैटिलिटी का स्तर, बिटकॉइन डोमिनेंस, वैश्विक आर्थिक खबरें, ट्रेडिंग पेयर की लिक्विडिटी, ETF फ्लो और संस्थागत निवेश के रुख पर भी नजर रखना जरूरी है।