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IOCL, BPCL और HPCL जैसे ऑयल शेयरों में आज तेजी, दो बड़ी वजहों से आया उछाल

BPCL Share Price: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसका असर भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल रहा है।

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May 25, 2026
Crude Oil: ऑयल स्टॉक्स में तेजी देखी जा रही है। (PC: AI)

Oil Stocks Rise: क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आते ही सरकारी ऑयल कंपनियों के शेयरों में सोमवार को जोरदार खरीदारी देखने को मिली। बाजार खुलते ही IOC, BPCL और HPCL के शेयर तेजी से चढ़ गए। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है तो वैश्विक तेल सप्लाई पर बना दबाव कुछ कम हो सकता है।

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6% उछल गया HPCL का शेयर

बीएसई पर HPCL का शेयर करीब 6 फीसदी उछलकर 412.55 रुपये तक पहुंच गया। वहीं, BPCL में 4.5 फीसदी से ज्यादा तेजी रही। IOC का शेयर भी करीब 4 फीसदी चढ़कर 145 रुपये के स्तर तक पहुंच गया।

होर्मुज को लेकर आ रहे अच्छे संकेत

दरअसल, पिछले कुछ महीनों से तेल बाजार पूरी तरह पश्चिम एशिया के तनाव पर टिका हुआ है। लेकिन अब हालात में थोड़ी नरमी के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यूएस और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। इससे होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने की उम्मीद जगी है। युद्ध से पहले तक होर्मुज से दुनिया का 20 फीसदी तेल और एलएनजी का शिपमेंट होता था।

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट

तेल बाजार ने भी इस खबर पर राहत की सांस ली। ब्रेंट क्रूड करीब 4.5 फीसदी टूटकर 98.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 5 फीसदी गिरकर 92 डॉलर के आसपास पहुंच गया। यह दोनों बेंचमार्क करीब दो हफ्ते के निचले स्तर पर फिसल गए हैं।

उधर बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम

हालांकि, आम लोगों को राहत नहीं मिली है। सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी गई। पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। बीते दो हफ्तों में यह चौथी बढ़ोतरी है।

क्यों उछले शेयर?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब कच्चा तेल महंगा होता है तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ जाता है। कंपनियां महंगे दाम पर क्रूड खरीदती हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत उतनी नहीं बढ़ा पातीं। ऐसे में मुनाफा दबने लगता है। अब अगर क्रूड में नरमी बनी रहती है, तो इन कंपनियों के मार्जिन सुधर सकते हैं। यही उम्मीद आज शेयर मार्केट में ऑयल स्टॉक्स की तेजी की बड़ी वजह बन रही है।

क्या कह रहे एक्सपर्ट्स

हालांकि, कई एक्सपर्ट मान रहे हैं कि समझौता हो भी जाए तो तेल सप्लाई सामान्य होने में महीनों लग सकते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनियों में शामिल सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि होर्मुज में रुकावट का असर 2027 तक बना रह सकता है। वहीं, मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि तेल बाजार अभी भी “समय के खिलाफ दौड़” जैसी स्थिति में है। अगर जून तक भी होर्मुज पूरी तरह नहीं खुला तो सप्लाई का संकट फिर गहरा सकता है।

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Updated on:
25 May 2026 11:37 am
Published on:
25 May 2026 11:35 am
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