कारोबार

Budget 2026: ट्रंप की टैरिफ और वैश्विक चुनौतियों के बीच तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर भारत का फोकस

Budget 2026 में ट्रंप की टैरिफ नीति और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने पर सरकार का फोकस रहेगा। बजट से ग्रोथ, निर्यात और कर्ज नियंत्रण पर बड़े संकेत मिल सकते हैं।

3 min read
Jan 23, 2026
AI Generated Image

दुनिया की तमाम मौजूदा चुनौतियों के बीच आगामी एक फरवरी को पेश होने वाला देश का अगले साल का बजट भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की नींव रख सकता है। बदलती वैश्विक व्यवस्था, महाशक्तियों को सिर्फ अपनी चिंता (प्रोटेक्शनिज्म) की प्रवृत्ति और टैरिफ को कूटनीतिक हथियार बनाने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई नीति (टैरिफ टैरर) के बावजूद भारत 2025 में भारत 4.18 लाख डॉलर की इकॉनामी के साथ दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है।

जानकार सूत्रों के अनुसार 2030 तक जर्मनी को पीछे छोड़ तीसरी अर्थ-व्यवस्था बनने के लिए अगले तीन बजट बेहद अहम हैं जिसकी पहली झलक आगामी बजट में दिखाई दे सकती है। सूत्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में इकोनॉमी को समृद्ध करने वाले कारकों को पोषित करने के इंतजाम करने के साथ आत्मनिर्भरता व निर्यात को बढ़ाने पर जोर हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के सामने देश के समग्र कर्ज को काबू में लाने की बड़ी चुनौती है जो आने वाले बजट में 185 लाख करोड़ से बढ़कर 196 से 200 लाख करोड़ तक जा सकता है। हालात यह हैं कि सालाना करीब 12 लाख करोड़ रुपए कर्ज का ब्याज चुकाने में खर्च हो रहे हैं।

ये भी पढ़ें

टैरिफ नहीं हैं भारत की सबसे बड़ी चिंता, IMF की पूर्व डिप्टी एमडी गीता गोपीनाथ ने बताई असली चुनौती

ग्रोथ इंजन की रफ्तार के लिए इंतजाम जरूरी

पिछले 12 साल में केंद्र सरकार का बजट आकार 15 लाख करोड़ से बढक़र से 50.65 लाख करोड़ पार कर गया है। इस साल बजट आकार 10 फीसदी बढ़ोतरी के साथ करीब 54 लाख करोड़ तक जा सकता है। बीते दस साल में भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी ने दुनिया को चौंकाया है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा ग्रोथ इंजन की रफ्तार को बनाए रखने, बल्कि बढ़ाने, के लिए बजट के जरिए उपाय करने और उन्हें जमीन पर उतारना जरूरी है। सरकार आईटी, निर्माण, रक्षा उत्पादन, आधारभूत ढांचा व कृषि सहयोगी सहित लगभग हर क्षेत्र पर फोकस कर रही है। ऐसे में आने वाले बजट में इन क्षेत्रों की बाधाएं दूर करने व प्रोत्साहन देने के इंतजाम किए जा सकते हैं।

कर्ज बना मुसीबत, कम करना चुनौती

भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी तो आ रही है लेकिन देश पर बढ़ता कर्ज बड़ी चुनौती बना हुआ है। पिछले 12 साल में देश पर कर्ज 53 लाख करोड़ से 185 लाख करोड़ पार हो चुका है। इससे कर्ज व ब्याज चुकाने का बोझ इकोनॉमी रफ्तार में बाधा बन सकता है। भारत विश्व बैंक से कर्ज लेने में दुनिया में अव्वल है, जबकि दुनिया के टॉप कर्जदारों में सातवें नंबर पर है। अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली जैसे देश कर्ज में भारत की तुलना में बहुत ज्यादा कर्जदार हैं। आगामी बजट में इस समस्या से निपटने के उपाय दिख सकते हैं।

ट्रेड वॉर के कारण बजट पर नजरें

ट्रंप टैरिफ के कारण इस बार के बजट पर निगाहें हैं। ट्रंप टैरिफ के बाद भारत ने व्यापार व निर्यात के लिए नए क्षेत्र खोले हैं और कुल निर्यात पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है लेकिन निर्यात क्षेत्र में असमंजस जरूर है। बजट में संभावित उपायों से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

यों समझें देश पर कर्ज-ब्याज का गणित (राशि लाख करोड़ में)

वित्तीय वर्षबजट (लाख करोड़)कुल कर्ज (लाख करोड़)सालाना उधारी भुगतान (लाख करोड़)सालाना सिर्फ ब्याज (लाख करोड़)
2025-2650.65185.9415.8612.76
2024-2548.20172.0015.6911.37
2023-2444.43155.1317.8610.63
2022-2339.44139.0017.5509.40
2021-2237.93161.0215.8408.05
2020-2130.4294.0207.9607.08
2019-2026.9886.0707.0306.25
2018-1924.4276.0906.2405.82
2017-1821.4669.0305.9405.30
2016-1719.7564.0605.3504.80
2015-1617.7757.0905.5504.56
2014-1516.8155.8705.3104.27
2013-1415.5953.0105.0203.74
(प्रत्येक वर्ष मार्च की स्थिति में)
  • 01 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी बजट
  • 4.8 लाख रुपए प्रति व्यक्ति कर्ज मार्च 2025 की स्थिति में

एक्सपर्ट व्यू

अर्थशास्त्री प्रो, राम त्रिपाठी ने कहा, बजट वही अच्छा माना जाता है जो देश के भविष्य की प्रगति का उपाय करे और बड़े वर्ग को राहत महसूस कराए। बजट में वैश्विक परिस्थितियों, अमेरिकी टैरिफ से आयात-निर्यात पर असर को ध्यान में रखकर अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने के इंतजाम हो सकते हैं। भारत को रक्षा बजट बढ़ाना चाहिए, भारत की प्रगति की जो रफ्तार है, वो भी अहम चरण में है। इसलिए उसका संतुलन भी जरूरी है। कर्ज पर नियंत्रण बड़ी चुनौती है।

Published on:
23 Jan 2026 02:36 am
Also Read
View All

अगली खबर