
अधिक क्रेडिट स्कोर के कई फायदे हैं। (PC: AI)
अगर आप समय पर लोन की ईएमआई या क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुकाते, या फिर एक साथ कई बैंकों में लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिरना तय है। कम क्रेडिट स्कोर का सीधा असर आपके वित्तीय भविष्य पर पड़ता है। इससे न सिर्फ नया लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना मुश्किल हो जाता है, बल्कि कई बार नौकरी पाने में भी परेशानी आ सकती है, क्योंकि आजकल कई कंपनियां उम्मीदवारों का क्रेडिट स्कोर भी चेक करती हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगर आप सही कदम उठाएं, तो करीब 12 महीनों में अपना क्रेडिट स्कोर 200-300 अंक तक सुधार सकते हैं। इसके लिए कुछ आसान लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा।
सबसे पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से चेक करते रहें। इससे आपको अपने स्कोर की मौजूदा स्थिति का पता चलता है और रिपोर्ट में मौजूद किसी गलती या रेड फ्लैग को पहचानने में मदद मिलती है। अगर कोई त्रुटि दिखाई दे, तो उसे तुरंत ठीक कराने की कोशिश करें।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि आप उसकी कुल लिमिट का 30% से ज्यादा खर्च न करें। उदाहरण के तौर पर अगर आपके कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है, तो कोशिश करें कि खर्च 30 हजार रुपये के आसपास ही रहे। इससे आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो संतुलित रहता है और स्कोर बेहतर बना रहता है। यदि खर्च बढ़ रहा है, तो कार्ड की लिमिट बढ़ाने का अनुरोध किया जा सकता है।
जब भी आप किसी बैंक या एनबीएफसी से लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो आपकी प्रोफाइल पर हार्ड इन्क्वायरी दर्ज होती है। ज्यादा हार्ड इन्क्वायरी आपके क्रेडिट स्कोर को कम कर सकती है। इसलिए एक ही समय में कई जगह आवेदन करने से बचना चाहिए।
पुराने क्रेडिट कार्ड आपकी लंबी क्रेडिट हिस्ट्री को दिखाते हैं, जो स्कोर के लिए सकारात्मक मानी जाती है। इसलिए यदि उनके भुगतान समय पर हो रहे हैं, तो उन्हें बंद करने से बचें।
यदि संभव हो तो लोन की अवधि थोड़ी लंबी रखें। इससे आपकी ईएमआई कम हो जाती है और समय पर भुगतान करना आसान होता है। लगातार समय पर भुगतान होने से क्रेडिट स्कोर धीरे-धीरे बेहतर होता जाता है।
अगर कोई व्यक्ति एक साथ कई लोन लेता है, तो यह संकेत देता है कि वह वित्तीय दबाव में है। बेहतर यही है कि पहले एक लोन को पूरी तरह चुकाएं और उसके बाद ही नया लोन लें।
क्रेडिट स्कोर सुधारने का सबसे महत्वपूर्ण नियम है कि ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं। एक दिन की देरी भी आपके स्कोर पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इसके लिए AutoPay या रिमाइंडर सेट करना फायदेमंद हो सकता है।
क्रेडिट ब्यूरो उन लोगों को बेहतर स्कोर देता है जिनके पास अलग-अलग प्रकार के क्रेडिट होते हैं। जैसे क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और सिक्योर्ड लोन (जैसे एफडी या गोल्ड के बदले लिया गया लोन)। इससे यह संकेत मिलता है कि आप विभिन्न प्रकार के वित्तीय उत्पादों को जिम्मेदारी से संभाल सकते हैं।
Published on:
12 Mar 2026 05:40 pm
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