ल्यो हे के कहा, चीन-अमरीका के बीच समझौता डब्ल्यूटीओ के नियम के अनुसार अमरीका चीन ट्रेड वॉर की वजह से दुनिया की इकोनॉमी को हुआ है काफी नुकसान
नई दिल्ली। चीनी उपप्रधानमंत्री ल्यो हे ( China Deputy PM Liu He ) ने कहा कि पहले चरण की अमरीका चीन ट्रेड डील ( America China Trade Deal ) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किया, यह डब्ल्यूटीओ के नियम और बाजार के सिद्धांत से मेल खाता है, जिससे चीन-अमरीका आर्थिक और व्यापारी सहयोग मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह चीन और अमरीका के लिए ही नहीं, बल्कि सारी दुनिया के लिए लाभदायक है। यह न केवल एक आर्थिक समझौता है, बल्कि विश्व की शांति व स्मृद्धि से भी संबंधित है। चीन और अमरीका ने बुधवार को वाशिंगटन में पहले चरण के आर्थिक व व्यापारी समझौते पर हस्ताक्षर किया। इसके बाद, चीन और अमरीका की आर्थिक वार्ता के चीनी प्रभारी ल्यो हे संवाददाताओं से मिले।
दोनों देशों के बीच अनेक समानताएं
उन्होंने कहा कि चीन-अमरीका संबंध सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक है। हालांकि राजनीतिक प्रणाली, विचारधारा के क्षेत्रों में दोनों देशों के अलग विचार हैं, फिर भी दोनों के बीच अनेक समानताएं हैं। हाल ही में चीनी अर्थव्यवस्था स्थिर रूप से आगे विकसित हो रही है और चीन की ढांचागत व्यवस्था में भी नयी प्रगति मिली है। ल्यो हे ने विश्वास जताया कि चीन के आर्थिक विकास का अवश्य ही बहुत उज्जवल भविष्य है। चीन का विकास अमरीका समेत विश्व के विभिन्न देशों को और अधिक निवेश और विकास के मौके देगा।
आर्थिक मंदी को दूर करने में करेगा मदद
जानकारों की मानें तो अमरीका चीन ट्रेड डील वैश्विक आर्थिक मंदी को दूर करने में मदद करेगी। साथ ही उन देशों को सबक भी देगी जो ट्रेड वॉर में फंसे हुए हैं। जानकारों के अनुसार दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यस्थाओं की ट्रेड वॉर ने दुनिया की इकोनॉमी को काफी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में अब उम्मीद जगी है कि वैश्विक आर्थिक मंदी को दूर करने के अलावा अमरीका और चीन की इकोनॉमी को भी फायदा होगा।