
Petrol Diesel Price Today 25 July: ग्लोबल मार्केट में क्रूड के दाम 100 डॉलर पर पहुंचने के बाद लड़खड़ाकर गिर गए। शुक्रवार को कीमतों में 4 फीसदी की बड़ी गिरावट आई। जून के बाद एक दिन की सबसे बड़ी 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इस बड़ी गिरावट के बावजूद भारत में शनिवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ। फ्यूल की रिटेल कीमतें आखिरी बार 25 मई को किए गए बदलाव के बाद स्थिर हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रोज पेट्रोल-डीजल के दाम जारी करती हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए पाकिस्तान एक बार फिर से कोशिश कर सकता है। इसी खबर के चलते कच्चे तेल में गिरावट देखने को मिली।
शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4 फीसदी गिरकर 96.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। ब्रेंट क्रूड इस समय 96.78 डॉलर प्रति बैरल पर है। वहीं, WTI क्रूड गिरकर 89.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच करीब पांच महीनों से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत को दोबारा शुरु करने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच चीन की पहल से पाकिस्तान फिर से अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत शुरु करने के प्रयास कर रहा है।
इस संबंध में ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी इस सप्ताह पाकिस्तान पहुंचे। पिछले 10 दिनों में यह उनकी दूसरी पाकिस्तान यात्रा थी। रिपोर्ट में पाकिस्तान के सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष सरकारी नेताओं और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से मुलाकात की।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| कोलकाता | ₹113.50 | ₹99.82 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| चेन्नई | ₹109.10 | ₹100.92 |
| गुरुग्राम | ₹102.97 | ₹95.64 |
| नोएडा | ₹101.96 | ₹95.44 |
| बेंगलुरु | ₹111.25 | ₹99.14 |
| भुवनेश्वर | ₹109.27 | ₹100.97 |
| चंडीगढ़ | ₹103.32 | ₹95.96 |
| हैदराबाद | ₹115.73 | ₹103.82 |
| जयपुर | ₹113.97 | ₹98.96 |
| लखनऊ | ₹101.56 | ₹95.06 |
| पटना | ₹113.37 | ₹99.36 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | ₹104.40 |
तनाव बढ़ने के बीच मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पड़ोसी देशों के लोगों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों से दूर रहने को कहा है। इस बीच होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। साथ ही ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमले किए, जिससे स्वेज नहर के रास्ते होने वाले तेल व्यापार पर भी असर पड़ा है।