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Crude Oil Price 24th July: 100 डॉलर पर पहुंचने के बाद लड़खड़ाकर गिर गया कच्चा तेल, आई 4% की बड़ी गिरावट

Crude Oil Price News: क्रूड के दाम में शुक्रवार को 4 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली। हालांकि इस बड़ी गिरावट के बाद भी क्रूड के दाम इस सप्ताह 12 फीसदी बढ़े। वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका में क्रूड के भंडार में बढ़ोतरी हुई है।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 24 Jul 2026, 4:35 PM IST

Crude Oil price news

Crude Oil हुआ सस्ता (फोटो-ANI)

Crude Oil Price: शुक्रवार दोपहर क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक 4 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। इससे पहले गुरुवार रात ब्रेंट क्रूड के दाम 101 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गए थे। शुक्रवार सुबह भी ये 100 डॉलर के आसपास बने हुए थे। वहीं, अब कीमत घटकर 96.85 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करती दिखी। इस बड़ी गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 900 अंकों तक गिर गया था। इसके बाद बड़ी रिकवरी आई और यह 331 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।

Crude Oil के दाम में आई गिरावट

आज दोपहर में क्रूड के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से करीब 4 फीसदी की गिरावट के साथ 96.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। वहीं WTI क्रूड के दाम में भी भारी गिरावट रही ये 88.80 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करते दिखे। लेकिन इसके बावजूद पूरे सप्ताह में इसकी कीमत 12 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है। बाजार में निवेशक लगातार मिडिल ईस्ट के हालात पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि वहां बढ़ता तनाव तेल की वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका में बढ़ा कच्चे तेल का भंडार

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, 17 जुलाई को खत्म हुए सप्ताह में अमेरिका का कच्चे तेल का स्टॉक 20 लाख बैरल बढ़कर 41.17 करोड़ बैरल हो गया। बाजार को उम्मीद थी कि ऑयल स्टॉक घटेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसमें बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा EIA का कहना है कि अमेरिकी रिफाइनरियां 96.1 फीसदी क्षमता के साथ चल रही हैं। यानी पेट्रोल और डीजल बनाने का काम तेज गति से जारी है।

US-Iran में नहीं हुआ तनाव कम

क्रूड के दाम में भले ही कुछ गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन अभी भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह चेतावनी दी है कि अगर लाल सागर में जहाजों पर आगे भी हमले जारी रहते हैं, तो ईरान और हूती विद्रोहियों को बड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पडे़गा। ट्रंप का बयान ऐसे समय में सामने आया, जब ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया था। लाल सागर, सऊदी अरब के लिए तेल निर्यात का एक अहम वैकल्पिक मार्ग है, क्योंकि होर्मुज से गुजरने वाला समुद्री रास्ता पहले से ही संघर्ष की वजह से बंद है।