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Pharma Stocks Fall 24 July: करीब 4% तक गिरे फार्मा कंपनियों के शेयर, जानिए क्या कह रहे एक्सपर्ट

Pharma Shares Fall Reason: निफ्टी फार्मा इंडेक्स 16 जुलाई के अपने उच्च स्तर से करीब 2 फीसदी टूट गया है। यह गिरावट ट्रंप के जेनेरिक दवाओं के आयात पर लगाए गए टैरिफ की घोषणा के बाद आई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे बड़ी दवा निर्माता कंपनियों के शेयरों पर दबाव आ सकता है।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 24 Jul 2026, 1:18 PM IST

Pharma Stocks Fall India

Pharma Stocks में गिरावट आई। (फोटो: Freepik)

Abbott India Share Price Fall: भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इम्पोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ प्लान की घोषणा के बाद से ही फार्मा सेक्टर में बिकवाली का माहौल बना हुआ है। इस टैरिफ के कारण भारतीय दवा निर्यातकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। BSE पर आज एबॉट इंडिया के शेयर में काफी बिकवाली देखने को मिली।

Nifty Pharma Index में गिरावट

सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.55 फीसदी या 140.55 अंकों की गिरावट के साथ 25,513 के स्तर पर ट्रेड करती दिखी।

NSE पर इन फार्मा शेयरों में आई गिरावट

शेयरबदलाव
TORNTPHARM-1.79%
AJANTPHARM-1.59%
LUPIN-1.36%
DRREDDY-1.34%

BSE पर इन फार्मा स्टॉक्स में आई गिरावट

शेयरबदलाव
Abbott India-3.69%
Akums Drugs & Pharmaceuticals-2.06%
Acutaas Chemicals-1.99%
Aarti Drugs-1.76%
Alembic-1.61%
Ajanta Pharma-1.43%
Artemis Medicare Services-1.32%

निफ्टी फार्मा इंडेक्स आउटलुक

एसबीआई सिक्योरिटीज (SBI Securities) के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने 16 जुलाई को 26,136 के उच्च स्तर को छुआ था। लेकिन अब इसमें करीब 2 फीसदी की गिरावट आई है। इसकी वजह अमेरिका द्वारा अगस्त 2028 से इंपोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ की घोषणा रही। शाह के मुताबिक, 25,300-25,250 का स्तर इंडेक्स के लिए अहम सपोर्ट है और जब तक यह इसके ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी का रुख कायम रहने की संभावना है। वहीं, 25,700-25,750 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस है, जिसे मजबूती से पार करने पर इंडेक्स में फिर से अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

बड़ी फार्मा कंपनियों पर दबाव रह सकता है

PL Capital के रिसर्च एनालिस्ट परम देसाई का कहना है कि अमेरिका की प्रस्तावित टैरिफ नीति बाजार के लिए अप्रत्याशित रही है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसे आखिरकार किस रूप में लागू किया जाएगा। उनके मुताबिक जब तक इस नीति पर स्पष्टता नहीं आ जाती, तब तक बड़ी जेनेरिक दवा कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगले 2 साल तक टैरिफ नहीं लगेगा लेकिन उसके बाद प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी से निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर पड़ सकता है। हालांकि, कई भारतीय कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अमेरिका में पहले से ही है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)