
Sun Pharma के शेयर में गिरावट दिखी है। (फोटो: Freepik)
Pharma Stocks Fall Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट देखी जा रही है। आज फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली है। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर 1.82 फीसदी या 474.85 अंकों की गिरावट देखने को मिली। इससे यह 25,618 के स्तर पर ट्रेड करती दिखी। फार्मा कंपनियों के शेयर में इस गिरावट का कारण डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2 साल तक टैरिफ नहीं लगाने और उसके बाद 100 फीसदी टैरिफ लगाने का नया ऐलान है।
ग्लैंड फार्मा (Gland Pharma Share Price) के शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। सुबह 10 बजकर 12 मिनट पर यह शेयर 5.06 फीसदी या 125.60 रुपये की गिरावट के साथ 2,356.80 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, पीपीएल फार्मा का शेयर 4.06 फीसदी टूटा। इसके अलावा अजंता फार्मा (Ajanta Pharma) में 3.35 फीसदी और साई लाइफ साइंसेज के शेयर में 3.22 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। ये सभी शेयर आज फार्मा सेक्टर के सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
| कंपनी का नाम | कारोबार के दौरान गिरावट (%) | गिरावट (रुपये में) | 52 वीक हाई (रुपये) | 52 वीक लो (रुपये) |
|---|---|---|---|---|
| ल्यूपिन (Lupin) | -3.95% | 99.30 | 2,529.50 | 1,836.80 |
| ऑरोबिंदो फार्मा (Aurobindo Pharma) | -3.65% | 57.70 | 1,636.80 | 1,016.10 |
| ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स (Glenmark Pharmaceuticals) | -2.97% | 66.70 | 2,474.00 | 1,792.60 |
| सिप्ला (Cipla) | -1.79% | 25.70 | 1,673.00 | 1,165.70 |
| डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy's Laboratories) | -1.67% | 20.10 | 1,414.90 | 1,148.40 |
| लॉरस लैब्स (Laurus Labs) | -1.49% | 23.70 | 1,600.10 | 810.05 |
| सन फार्मा (Sun Pharmaceutical) | -1.29% | 25.30 | 1,966.50 | 1,548.00 |
| बायोकॉन (Biocon) | -1.18% | 5.20 | 447.15 | 331.00 |
ट्रंप ने घरेलू फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इम्पोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ प्लान की घोषणा की। इस घोषणा में उन्होंने कहा कि 1 अगस्त 2026 से अगले 2 साल तक अमेरिका में इम्पोर्ट की जाने वाली जेनेरिक दवाओं पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। लेकिन अगस्त 2028 से, एक साल के लिए 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा और उसके एक साल बाद 200 फीसदी टैरिफ लागू होगा।
ऑरोबिंदो फार्मा की अमेरिका में अपनी कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, इसलिए यह सबसे मजबूत स्थिति में मानी जाती है। इसके अलावा डॉ. रेड्डीज, ल्यूपिन, सिप्ला और जाइडस लाइफसाइंसेज की भी अमेरिका में कुछ उत्पादन इकाइयां हैं, जिससे इनकी मौजूदगी वहां बनी हुई है। अल्केम लैबोरेटरीज और टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स मुख्य रूप से भारत में दवाएं बनाती हैं। अमेरिका में इनकी उत्पादन क्षमता सीमित है और अमेरिकी जेनेरिक दवा कारोबार से इनकी कमाई पर निर्भरता भी कम है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
22 Jul 2026, 11:14 AM IST
Published on:
22 Jul 2026, 11:13 AM IST
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