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Stock Market Today: मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ा तो टूट गया बाजार, सेंसेक्स 600 पॉइंट डाउन, फार्मा शेयरों में बड़ी बिकवाली

Share Market Today 22nd July 2026: फाइनेंशियल सर्विसेस, फार्मा, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में आज बिकवाली देखी जा रही है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से भी निवेशकों का सेंटीमेंट डाउन है।
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भारत

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Pawan Jayaswal

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Updated: 22 Jul 2026, 10:33 AM IST

Indian Stock Market

Indian Stock Market: क्रूड ने मचाई बाजार में तबाही! CEA ने गिनाईं भारत के सामने 3 बड़ी आर्थिक चुनौतियां (PC: AI)

Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार आज बुधवार को गिरावट के साथ खुला है और शुरुआती कारोबार में भारी बिकवाली देखी जा रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 86 अंक की गिरावट के साथ 77,384.95 पर खुला। शुरुआती कारोबार में 9 बजकर 48 मिनट पर यह 0.79 फीसदी या 605 अंकों की गिरावट के साथ 76,868 पर ट्रेड करता दिखा। इस समय सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 4 शेयर हरे निशान पर और 26 शेयर लाल निशान पर थे। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी इस समय 0.72 फीसदी या 171 अंक की गिरावट के साथ 24,016 पर ट्रेड करता दिखा।

सेंसेक्स के शेयरों का हाल

सेक्टोरल सूचकांकों का हाल

सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक गिरावट निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 2.19 फीसदी और निफ्टी फार्मा में 1.88 फीसदी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.65 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 1.43 फीसदी, निफ्टी आईटी में 0.75 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 0.36 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 0.87 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.42 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.05 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.35 फीसदी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.46 फीसदी की गिरावट देखी गई है। इससे इतर निफ्टी ऑटो में 0.44 फीसदी की तेजी देखने को मिली।

निफ्टी-50 के इन शेयरों में आई सबसे अधिक गिरावट

ईरान-अमेरिका संघर्ष गहराया

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की धमकियों के बाद एशिया के लिए सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर जा रहे तीन ऑयल टैंकरों ने मंगलवार को लाल सागर (रेड सी) में अपना रास्ता बदल लिया और वापस लौट गए। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर दुनिया के दो सबसे अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर साफ दिखाई देने लगा है। ईरान पहले ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को लेकर चेतावनी दे चुका है। ऐसे में लाल सागर सऊदी अरब के लाखों बैरल कच्चे तेल की रोजाना आपूर्ति के लिए प्रमुख वैकल्पिक मार्ग बन गया था। लेकिन ताजा घटनाओं के बाद ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखा है।

92 डॉलर पर पहुंची कच्चे तेल की कीमतें

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही। बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड 1.36 फीसदी की बढ़त के साथ 92.25 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, WTI क्रूड 1.24 फीसदी की बढ़त के साथ 85.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था पर निगेटिव असर डालती हैं। यही कारण है कि निवेशकों का सेंटीमेंट डाउन है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)