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Bajaj Auto Share Price Today: पहली तिमाही में 42% उछला बजाज ऑटो का मुनाफा, रेवेन्यू में 37% की बढ़ोतरी, जानिए क्या है शेयर का हाल

Bajaj Auto Q1 Profit: वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बजाज ऑटो के नेट प्रॉफिट में 42.3 फीसदी का उछाल आया है। लेकिन शेयर प्राइस आज गिरावट के साथ बंद हुआ है।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 21 Jul 2026, 3:36 PM IST

Bajaj Auto Q1 Results

Bajaj Auto के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। (फोटो: Bajaj Auto)

Bajaj Auto Q1 Result: दोपहिया और तिपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी बजाज ऑटो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिये हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 42.3 फीसदी बढ़कर 2,982.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की बिक्री और आय में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। लेकिन कंपनी को मुनाफा होने के बावजूद बजाज ऑटो का शेयर गिरावट के साथ बंद हुआ है।

बजाज ऑटो के शेयर में गिरावट (Bajaj Auto Share Price)

बजाज ऑटो का शेयर आज बीएसई पर 0.94 फीसदी या 99.40 रुपये की गिरावट के साथ 10,419.50 रुपये पर बंद हुआ है। इस शेयर का 52 वीक हाई 10,834.95 रुपये और 52 वीक लो 7,879.45 रुपये है। इस शेयर ने एक वीक में 2.56 फीसदी, 1 महीने में 3.58 फीसदी और 1 साल में 23.55 फीसदी रिटर्न दिया है।

कंपनी के रेवेन्यू में 37% की बढ़ोतरी

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 37 फीसदी बढ़कर 17,243.72 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 12,584.45 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि रिकॉर्ड बिक्री से उसके रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी हुई है।

बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

पहली तिमाही में बजाज ऑटो ने कुल 14,38,251 वाहन बेचे। जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 11,11,237 यूनिट था। यानी कुल बिक्री में 29 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। घरेलू बाजार में बिक्री 11 फीसदी बढ़ी, जबकि निर्यात 54 फीसदी उछल गया। कंपनी के मुताबिक, यह उसका अब तक का सबसे बड़ा तिमाही निर्यात रहा, जिसमें पहली बार 7 लाख से ज्यादा वाहनों का निर्यात हुआ।

EBITDA में हुआ इजाफा

ऑपरेशनल लेवल पर, जून तिमाही में EBITDA मार्जिन 19.7 फीसदी से बढ़कर 21 फीसदी हो गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अनुकूल USD/INR रियलाइजेशन, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, ऑपरेटिंग लेवरेज और डायनामिक P&L मैनेजमेंट ने तेजी से बढ़ती इनपुट लागत के बुरे असर को काफी हद तक कम कर दिया।

विदेशी बाजारों से मिला मजबूत सपोर्ट

कंपनी के मुताबिक उसकी एक्सपोर्ट परफॉर्मेंस शानदार रही। अफ्रीका में कारोबार में अच्छी वापसी देखने को मिली। पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका क्षेत्र में भू-राजनीतिक चुनौतियों और लॉजिस्टिक दिक्कतों के बावजूद कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया। कमर्शियल व्हीकल कारोबार में करीब 70 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।