
SBI Funds Management का शेयर बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा है। (PC: AI)
SBI Funds Management Listing: जिन निवेशकों को एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ से जोरदार लिस्टिंग गेन की उम्मीद थी, उन्हें थोड़ी निराशा हाथ लगी है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर मंगलवार, 21 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में 6.85 फीसदी के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ है। शेयर प्रीमियम पर जरूर लिस्ट हुआ, लेकिन ग्रे मार्केट के संकेतों की तुलना में यह प्रीमियम काफी कम रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर 613.30 रुपये पर खुला, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर इसकी शुरुआत 610 रुपये से हुई। कंपनी का आईपीओ 574 रुपये प्रति शेयर के ऊपरी प्राइस बैंड पर आया था। इस तरह जिन निवेशकों को शेयर आवंटित हुए, उन्हें लिस्टिंग के साथ करीब 6.85 फीसदी का फायदा मिला।
शुरुआती कारोबार में सुबह 11 बजे यह 2.30 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा। इससे आईपीओ में पैसा लगाने वालों को अब तक कुल 8.71 फीसदी का फायदा होता दिख रहा है।
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में इस शेयर का प्रीमियम करीब 95.50 रुपये पर चल रहा था। इसके आधार पर बाजार में अनुमान लगाया जा रहा था कि शेयर करीब 669.50 रुपये पर लिस्ट हो सकता है, यानी लगभग 16.64 फीसदी के प्रीमियम के साथ। लेकिन वास्तविक लिस्टिंग इससे काफी नीचे रही।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की वेल्थ हेड शिवानी न्याती ने कहा, "हालांकि शेयर की लिस्टिंग उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही, लेकिन लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिहाज से कंपनी की स्टोरी अब भी मजबूत नजर आती है। इसकी वजह एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में कंपनी की मजबूत स्थिति, एसबीआई जैसे भरोसेमंद ब्रांड का सपोर्ट, बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, एसेट-लाइट और आसानी से बढ़ने वाला बिजनेस मॉडल, साथ ही अन्य कंपनियों की तुलना में आकर्षक वैल्यूएशन है।"
शिवानी ने कहा कि जिन इन्वेस्टर्स को आईपीओ में शेयर आवंटित हुए हैं, वे इसे लॉन्ग टर्म के नजरिए से अपने पोर्टफोलियो में बनाए रख सकते हैं। वहीं, नए इन्वेस्टर मार्केट में गिरावट आने पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने बताया, "शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए 585 से 590 रुपये के आसपास स्टॉप लॉस रखना उचित रहेगा। कुल मिलाकर इस शेयर को लेकर आउटलुक पॉजिटिव है और यह भारत में तेजी से बढ़ रही म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का फायदा उठाने के इच्छुक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।"
इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। NSE के आंकड़ों के मुताबिक यह इश्यू कुल 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। रिटेल निवेशकों का हिस्सा 3.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 22.51 गुना सब्सक्राइब हुआ था। योग्य संस्थागत खरीदार (QIB) का हिस्सा 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था। यह आईपीओ 14 जुलाई से 16 जुलाई तक निवेशकों के लिए खुला था। 17 जुलाई को शेयरों का आवंटन पूरा हुआ और 21 जुलाई को कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट हुए।
इस आईपीओ का प्राइस बैंड 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए 9,812.91 करोड़ रुपये जुटाए। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसमें 17.10 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे गए। ये शेयर कंपनी के मौजूदा प्रमोटर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और Amundi India Holding ने बेचे।
1992 में स्थापित एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट, SBI Mutual Fund की निवेश प्रबंधन कंपनी है। प्रबंधन के तहत संपत्तियों (AUM) के आधार पर यह भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में गिनी जाती है। यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और Amundi का जॉइंट वेंचर है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय 4,969 करोड़ रुपये रही, जो SBI समूह की कुल आय में लगभग 0.70 फीसदी का योगदान है।
Updated on:
21 Jul 2026 11:53 am
Published on:
21 Jul 2026 11:51 am
