
Volkswagen और JSW Group के बीच बिजनेस डील हो सकती है। (PC: AI)
Volkswagen JSW Deal: दो दशकों से ज्यादा समय से भारतीय बाजार में मौजूद रहने के बावजूद फॉक्सवैगन अपनी उम्मीद के मुताबिक जगह नहीं बना सकी। अब कंपनी एक बड़े बदलाव की तैयारी में है। खबर है कि जर्मन ऑटो कंपनी भारत में अपना कारोबार मजबूत करने के लिए JSW Group को साझेदार बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों कंपनियों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले कुछ हफ्तों में समझौते का ऐलान हो सकता है। प्रस्ताव के तहत JSW Group, Skoda Auto Volkswagen India में निवेश करेगा और कंपनी में बहुसंख्यक हिस्सेदारी भी खरीद सकता है।
सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में फॉक्सवैगन और JSW के सीनियर अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुई हैं। हालांकि, डील अभी पूरी तरह तय नहीं हुई है। कंपनी की वैल्यूएशन कितनी होगी और दोनों पक्ष कितना निवेश करेंगे, जैसे अहम मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। जानकारों का कहना है कि अगर इन बिंदुओं पर समझौता हो जाता है तो यह फॉक्सवैगन के लिए भारत में अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक कदम साबित हो सकता है।
फॉक्सवैगन लंबे समय से भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। अब कंपनी ऐसे स्थानीय साझेदार की तलाश में है जो पूंजी लगाने के साथ-साथ कारोबार बढ़ाने में भी मदद करे। दूसरी ओर JSW Group के लिए यह सौदा भी कम अहम नहीं होगा। इस साझेदारी से उसे फॉक्सवैगन की आधुनिक वाहन तकनीक और प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिल सकती है। साथ ही भविष्य में यूरोप की इस दिग्गज कंपनी के साथ वैश्विक स्तर पर भी सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
रिपोर्स के मुताबिक Skoda, Volkswagen, Audi, Porsche, Bentley और Lamborghini समेत Volkswagen Group के सभी ब्रांड मिलकर भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में करीब 2.5 फीसदी हिस्सेदारी रखते है। कंपनी का लक्ष्य दशक के अंत तक इसे 5 फीसदी तक पहुंचाने का है। स्कोडा ने भारत के लिए खास तौर पर Kylaq कॉम्पैक्ट SUV जैसे मॉडल भी लॉन्च किए हैं, लेकिन इसके बावजूद कंपनी बाजार में बड़ी छलांग नहीं लगा सकी।
जेएसडबल्यू ग्रुप पहले से चीन की SAIC Motor के साथ जॉइंट वेंचर चला रहा है, जिसके जरिए भारत में MG ब्रांड की कारें बेची जाती हैं। इसके अलावा समूह भविष्य में अपने नाम से भी कारें लॉन्च करने की योजना पर काम कर रहा है। फॉक्सवैगन ने इससे पहले महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ भी साझेदारी की संभावनाएं तलाशी थीं, लेकिन लागत और कारोबारी सोच में मतभेद के कारण वह बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
Updated on:
21 Jul 2026 05:48 pm
Published on:
21 Jul 2026 05:48 pm
