
Swiggy के शेयर में गिरावट आई है। (फोटो: AI)
Swiggy Share Price Fall Reason: ऑनलाइन फूड और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी के शेयर शुक्रवार को 7 फीसदी से ज्यादा टूट गए। इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी का विदेशी निवेशकों की अधिकतम हिस्सेदारी को घटाकर 49.5 फीसदी करने का प्रस्ताव है। निवेशकों को आशंका है कि ऐसा करने पर स्विगी को कुछ बड़े ग्लोबल शेयर इंडेक्स से बाहर किया जा सकता है। इससे विदेशी पैसिव फंडों की बड़ी बिकवाली हो सकती है, जिसका असर शेयर पर दिखा।
शुरुआती कारोबार के दौरान स्विगी का शेयर NSE पर 7.11 फीसदी या 18.60 रुपये की गिरावट के साथ 242.51 रुपये रह गया था। हालांकि, इसके बाद शेयर में कुछ रिकवरी हुई और यह दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर 4.43 फीसदी गिरावट के साथ 249.96 रुपये पर ट्रेड करता दिखा।
| पैरामीटर | परफॉर्मेंस |
|---|---|
| 1 सप्ताह (1W) | -9.83% |
| 1 महीना (1M) | 2.24% |
| 1 वर्ष (1Y) | -40.45% |
| कुल मार्केट कैप | ₹69,007.84 करोड़ |
| 52 सप्ताह का उच्च स्तर | ₹474.00 (19 सितंबर 2025) |
| 52 सप्ताह का निचला स्तर | ₹235.75 (30 जून 2026) |
स्विगी के शेयर में आई इस गिरावट की वजह यह है कि कंपनी विदेशी निवेशकों की अधिकतम हिस्सेदारी को 100 फीसदी से घटाकर 49.5 फीसदी करने जा रही है। इसकी जानकारी कंपनी ने गुरुवार को दी। इस प्रस्ताव को मंजूरी फिलहाल कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा दी गई है। लेकिन अब इस प्रस्ताव को 18 अगस्त 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में शेयरधारकों की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। यदि शेयरधारक प्रस्ताव को मंजूरी दे देते हैं, तो विदेशी निवेशकों को सामूहिक रूप से स्विगी में 49.5 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अभिलाष पगारिया के अनुसार, इस फैसले के बाद स्विगी में विदेशी निवेश की अतिरिक्त गुंजाइश लगभग खत्म हो सकती है। इससे कंपनी के एमएससीआई और एफटीएसई जैसे ग्लोबल इंडेक्स से बाहर होने की संभावना बढ़ सकती है। उनके अनुमान के मुताबिक एमएससीआई से बाहर होने पर करीब 34 करोड़ डॉलर और एफटीएसई से बाहर होने पर करीब 12 करोड़ डॉलर के पैसिव फंड निकल सकते हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, स्विगी का फूड डिलीवरी और इंस्टामार्ट कारोबार दोनों बढ़े हैं। फूड डिलीवरी का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 20.2 फीसदी बढ़कर 34,593 करोड़ रुपये और औसत मासिक ग्राहकों की संख्या 19.2 फीसदी बढ़कर 1.75 करोड़ हो गई। वहीं, इंस्टामार्ट का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 94.1 फीसदी बढ़कर 28,496 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने माना कि क्विक कॉमर्स कारोबार में प्रतिस्पर्धा काफी तेज है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
24 Jul 2026 02:26 pm
Published on:
24 Jul 2026 02:26 pm
