
एनएसई आईपीओ में जीएमपी घटा है। (PC: AI)
NSE IPO Subscription Status: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के आईपीओ में निवेशकों की दिलचस्पी उम्मीद के मुताबिक देखने को नहीं मिल रही है। आईपीओ के दूसरे दिन 18 सितंबर को सुबह 11:30 बजे तक 22,568.94 करोड़ रुपये का यह आईपीओ सिर्फ 55% ही सब्सक्राइब हो पाया। एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 8,86,42,911 शेयरों के मुकाबले 4,90,60,368 शेयरों के लिए बोली लगाई गई है। इस आईपीओ में सबसे ज्यादा हलचल गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII से देखने को मिली है। उनका हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका है। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व हिस्सा 56% भर गया है।
एनएसई के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी भी चर्चा में है। इन्वेस्टर गेन के अनुसार, शुक्रवार दोपहर ग्रे मार्केट में प्रीमियम 7.34 फीसदी के संभावित लिस्टिंग गेन की तरफ इशारा करता दिखा। हालांकि, यहां निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जीएमपी आधिकारिक बाजार संकेतक नहीं है। इसमें लगातार बदलाव होता रहता है और यह एनएसई के शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या रिटर्न की गारंटी नहीं देता। इसलिए केवल जीएमपी देखकर आईपीओ में निवेश का फैसला करना ठीक नहीं होगा।
एनएसई आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। आईपीओ में कुल 12.64 करोड़ इक्विटी शेयर ऑफर किए जा रहे हैं। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसका सीधा मतलब है कि आईपीओ से मिलने वाला पैसा एनएसई को नहीं मिलेगा। शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को इश्यू से प्राप्त रकम मिलेगी। इश्यू के खर्च को छोड़कर बाकी रकम इन्हीं शेयरधारकों के पास जाएगी।
एनएसई के इस आईपीओ में 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। एनएसई करीब 4.42 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन हासिल करने की कोशिश कर रही है। अगर यह वैल्यूएशन मिलती है, तो एनएसई मार्केट कैप के लिहाज से देश की टॉप 15 कंपनियों की सूची में शामिल हो सकती है। आईपीओ से पहले 16 सितंबर को कंपनी ने 6,746.2 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसमें कई बड़े घरेलू और विदेशी निवेशकों ने हिस्सा लिया था। भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC सबसे बड़ा निवेशक बनकर सामने आया था। एनएसई ने एंकर निवेशकों को प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर 3.77 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। इन शेयरों को 189 एंकर निवेशकों को दिया गया है।
एनएसई का कारोबार मजबूत है, लेकिन आईपीओ में निवेश करते समय सिर्फ कंपनी का नाम और बाजार में उसकी मजबूत स्थिति देखना काफी नहीं है। शेयर के लिए कितनी कीमत चुकाई जा रही है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है। 129 Wealth और Paul Asset के फंड मैनेजर एवं रिसर्च हेड प्रसेंजित पॉल के मुताबिक, एनएसई एक मजबूत और नकदी पैदा करने वाला कारोबार है। कंपनी को पूंजी बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का फायदा मिलता है। हालांकि, 1,785 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर करीब 43 गुना FY26 कमाई का वैल्यूएशन सस्ता नहीं है। उनके मुताबिक, आगे कंपनी की ग्रोथ सिर्फ बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने से नहीं आएगी। कैपिटल मार्केट में बढ़ती भागीदारी, कैश मार्केट में गतिविधि, नए प्रोडक्ट, डेटा, इंडेक्स और गिफ्ट सिटी जैसे सेक्टर ग्रोथ के नए रास्ते बन सकते हैं।
Religare Broking ने भी एनएसई आईपीओ को लेकर संतुलित नजरिया पेश किया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, FY26 में नियामकीय बदलाव और ट्रेडिंग एक्टिविटी में कुछ नरमी का असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ा, हालांकि निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, फंड जुटाने की गतिविधियों और बाजार में मजबूत मौजूदगी से ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को सपोर्ट मिला।
ब्रोकरेज के मुताबिक करीब 42.9 गुना P/E वैल्यूएशन एनएसई की मजबूत बाजार स्थिति और भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों को काफी हद तक कीमत में शामिल करता है। ऐसे में कमाई उम्मीद से कमजोर रहने पर शेयर में दबाव बन सकता है। इसी वजह से ब्रोकरेज ने एनएसई आईपीओ को लेकर न्यूट्रल रेटिंग दी है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
18 Sept 2026 01:00 pm
Published on:
18 Sept 2026 12:57 pm
