
सोने की कीमत बाजार में लगभग एक जैसी रहती है, लेकिन फिर भी समान वजन और समान कैरेट की जूलरी पर ज्वैलर्स आपसे अलग-अलग कीमत मांग सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह मेकिंग चार्ज है। कई बार कम मेकिंग चार्ज का ऑफर देखकर ग्राहक खरीदारी कर लेते हैं, लेकिन दूसरे खर्च जोड़ने पर वही ज्वेलरी महंगी पड़ सकती है। दरअसल, मेकिंग चार्ज सोने के गहने को तैयार करने, उसकी डिजाइनिंग और कारीगरी की लागत होती है। हर ज्वेलर इसे अपने हिसाब से तय करता है। कोई प्रति ग्राम के हिसाब से शुल्क लेता है, तो कोई सोने की कुल कीमत का एक निश्चित प्रतिशत वसूलता है। डिजाइन जितनी बारीक और काम जितना मुश्किल होगा, मेकिंग चार्ज भी उतना ही ज्यादा हो सकता है। इसलिए सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल सोने का भाव या मेकिंग चार्ज देखकर फैसला करना सही नहीं है। ग्राहक को बिल में शामिल सभी खर्चों की तुलना करनी चाहिए।
हर तरह के सोने के गहने पर एक जैसा मेकिंग चार्ज नहीं लगता। यह गहने की डिजाइन, उसे बनाने में लगने वाली मेहनत और इस्तेमाल की गई तकनीक पर निर्भर करता है। मशीन से तैयार होने वाली साधारण सोने की चेन पर आमतौर पर मेकिंग चार्ज कम होता है। वहीं, पारंपरिक गहनों और हाथ से तैयार की गई ज्वेलरी पर ज्यादा शुल्क देना पड़ सकता है। इसकी वजह इनमें होने वाली बारीक कारीगरी और डिजाइन का काम है। इसकी तुलना में मशीन से बनने वाले गहनों को तैयार करना आसान होता है। यही अंतर मेकिंग चार्ज में भी दिखाई देता है।
इसका जवाब है, नहीं। किसी ज्वेलर का मेकिंग चार्ज कम होने से जरूरी नहीं कि उसकी ज्वेलरी भी दूसरे ज्वेलर के मुकाबले सस्ती हो। कई बार कम मेकिंग चार्ज के बावजूद सोने का भाव या अन्य शुल्क ज्यादा होने से कुल कीमत बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, एक ज्वेलर 5% मेकिंग चार्ज ले रहा है और दूसरा 10% की छूट देने का दावा कर रहा है। ऐसे में केवल प्रतिशत देखकर खरीदारी करना नुकसानदेह हो सकता है। दोनों के यहां सोने का भाव, वजन और अन्य शुल्क अलग-अलग हो सकते हैं। धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों पर ज्वेलर्स कई तरह के ऑफर देते हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले कुछ बातों की जांच जरूर करनी चाहिए।
त्योहारों के दौरान ज्वेलर्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए जीरो मेकिंग चार्ज या मेकिंग चार्ज पर भारी छूट जैसे ऑफर देते हैं। पहली नजर में ये ऑफर काफी फायदेमंद लगते हैं, लेकिन खरीदारी से पहले इनकी शर्तें समझना जरूरी है। कई बार जीरो मेकिंग चार्ज का फायदा केवल चुनिंदा डिजाइन या ज्वेलरी पर मिलता है। कुछ मामलों में वेस्टेज चार्ज या दूसरे शुल्क अलग से जोड़ दिए जाते हैं। इससे ग्राहक को मिलने वाली वास्तविक छूट कम हो सकती है। ग्राहकों को यह देखना चाहिए कि ऑफर सभी तरह के गहनों पर लागू है या केवल कुछ चुनिंदा डिजाइन पर। इसके साथ ही किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क या दूसरी शर्त तो लागू नहीं है, इसकी जानकारी भी लेनी चाहिए। ज्वेलरी खरीदते समय बायबैक और एक्सचेंज की शर्तें समझना भी जरूरी है। पुराने गहने बेचने या बदलने पर ज्वेलर कितनी कटौती करेगा, यह पहले ही पता कर लेना चाहिए।
सोने की ज्वेलरी की अंतिम कीमत कई चीजों को जोड़कर तय होती है। इसमें गहने में इस्तेमाल हुए सोने का वजन, उसकी शुद्धता के हिसाब से बाजार भाव, मेकिंग चार्ज, वेस्टेज चार्ज और अगर कोई पत्थर लगा है तो उसकी कीमत शामिल होती है। इसके बाद जीएसटी भी देना पड़ता है। खुदरा बाजार में सोने की ज्वेलरी खरीदने पर सामान्य तौर पर कुल लेनदेन मूल्य यानी सोने की कीमत और मेकिंग चार्ज सहित पूरी रकम पर 3% GST लगता है।
वहीं, सोने और चांदी के सिक्कों या बार की कीमत मुख्य रूप से उस दिन के बाजार भाव, वजन और शुद्धता के आधार पर तय होती है। इन पर आमतौर पर ज्वेलरी की तरह मेकिंग चार्ज नहीं लगता। इसलिए सोना खरीदते समय बिल जरूर देखें। उसमें सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज, अन्य शुल्क और GST का पूरा ब्योरा होना चाहिए।
ज्वेलर्स आमतौर पर दो तरीकों से मेकिंग चार्ज लेते हैं। पहला- हर ग्राम पर एक तय रकम ली जाती है और दूसरा- सोने की कुल कीमत का एक निश्चित प्रतिशत लिया जाता है। उदाहरण के लिए, कोई ज्वेलर प्रति ग्राम 300 रुपये मेकिंग चार्ज ले सकता है। वहीं, दूसरा ज्वेलर सोने की कुल कीमत का 12% मेकिंग चार्ज वसूल सकता है। दोनों तरीकों में ग्राहक के लिए कौन सा विकल्प सस्ता रहेगा, इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं।
5 नवंबर 2026 को 22 कैरेट सोने का भाव 13,435 रुपये प्रति ग्राम मान लेते हैं। अगर ग्राहक 10 ग्राम की ज्वेलरी खरीदता है तो सोने की कीमत 1,34,350 रुपये होगी। अब दोनों तरीकों से मेकिंग चार्ज की गणना करते हैं।
| विवरण | प्रति ग्राम 300 रुपये मेकिंग चार्ज | सोने की कीमत का 12% मेकिंग चार्ज |
|---|---|---|
| 22 कैरेट सोने का भाव (प्रति 1 ग्राम) | ₹13,435 | ₹13,435 |
| ज्वेलरी का वजन | 10 ग्राम | 10 ग्राम |
| सोने की कुल कीमत | ₹1,34,350 | ₹1,34,350 |
| मेकिंग चार्ज | ₹3,000 | ₹16,122 |
| GST से पहले कुल कीमत | ₹1,37,350 | ₹1,50,472 |
| 3% GST | ₹4,120.50 | ₹4,514.16 |
| GST सहित कुल कीमत | ₹1,41,470.50 | ₹1,54,986.16 |
इस उदाहरण में प्रति ग्राम 300 रुपये मेकिंग चार्ज वाला विकल्प ग्राहक के लिए ज्यादा सस्ता है। दोनों विकल्पों के बीच करीब 13,516 रुपये का अंतर है। हालांकि, यह केवल उदाहरण के आधार पर की गई गणना है। वास्तविक कीमत ज्वेलर के भाव, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के हिसाब से बदल सकती है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेस लिमिटेड के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ रवि सिंह के अनुसार, जो लोग मुख्य रूप से बचत या निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, वे सोने के मानकीकृत सिक्कों और बार पर भी विचार कर सकते हैं। इनमें ज्वेलरी की तरह डिजाइन और कारीगरी का अतिरिक्त खर्च नहीं होता।