
Diamond Power Infrastructure: शेयर बाजार में डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर (Diamond Power Infrastructure) के शेयरों में तेजी देखने को मिली। कंपनी को हैदराबाद के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए 435.71 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद निवेशकों ने शेयर में खरीदारी शुरू कर दी। जिससे शेयर 10 प्रतिशत चढ़कर अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि यह डेटा सेंटर सेक्टर में देश का सबसे बड़ा केबल सप्लाई ऑर्डर है। इस खबर के बाद एक बार फिर यह मल्टीबैगर स्टॉक बाजार में चर्चा का विषय बन गया है।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसे 435.71 करोड़ रुपये का नया वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हैदराबाद के 310 MW HYD22 से HYD26 डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए हाई टेंशन (HT) और लो टेंशन (LT) पावर केबल्स की सप्लाई का है। कंपनी के अनुसार, डेटा सेंटर सेगमेंट में केबल सप्लाई का यह अब तक का देश का सबसे बड़ा ऑर्डर है। इस ऑर्डर से आने वाले समय में कंपनी के कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऑर्डर मिलने की खबर का असर सीधे कंपनी के शेयर पर दिखाई दिया। बीएसई पर डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर 211.90 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 10 प्रतिशत की तेजी के साथ 218.40 रुपये तक पहुंच गया। कंपनी का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 219 रुपये है, जबकि 52 सप्ताह का निचला स्तर 115.80 रुपये दर्ज है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 11,509.05 करोड़ रुपये है।
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर पिछले कुछ समय से शानदार प्रदर्शन कर रहा है। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में शेयर करीब 53 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं, बीते एक साल में इसने 56 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। पिछले दो सालों में स्टॉक करीब 72 प्रतिशत मजबूत हुआ है।
अगर लंबी अवधि की बात करें तो यह शेयर निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ है। पिछले 3 सालों में इसमें 114847 प्रतिशत और 5 सालों में 218300 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। इसी अवधि में सेंसेक्स में करीब 48 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। वहीं, पिछले 10 सालों से इस शेयर को होल्ड करने वाले निवेशकों को अब तक 4627 प्रतिशत का रिटर्न मिल चुका है।
कंपनी ने साल 2024 में अपने शेयरों का 10 हिस्सों में विभाजन (स्टॉक स्प्लिट) किया था। इसके बाद एक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये से घटकर 1 रुपये रह गई। डिविडेंड की बात करें तो कंपनी ने आखिरी बार साल 2013 में निवेशकों को डिविडेंड दिया था। इसके बाद अब तक किसी डिविडेंड का ऐलान नहीं किया गया है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 84.02 प्रतिशत है। वहीं, 15.98 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक निवेशकों के पास है। मजबूत प्रमोटर होल्डिंग और बड़े ऑर्डर के बाद कंपनी एक बार फिर बाजार की चर्चा में है।