कारोबार

क्या आरबीआई को था 2000 और 200 रुपए के नोट जारी करने का हक?

आरटीआई के जरिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

2 min read
rbi

मुंबई. आरटीआई के जरिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरटीआई के जरिए उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, आरबीआई के पास यह प्रमाणित करने का कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं है कि नोटबंदी के बाद उसके पास 2,000 रुपए और 200 रुपए की नोट जारी करने का अधिकार था।
मुंबई के कार्यकर्ता एमएस रॉय ने बताया कि आरबीआई द्वारा आरटीआई के तहत दिए गए जवाब में जाहिर तौर पर देश के केंद्रीय बैंक ने 200 और 2,000 रुपए के नोट जारी करने की तिथि तक कोई भी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) या परिपत्र प्रकाशित नहीं किया था।

प्रस्ताव को केंद्रीय निदेशक मंडल ने मंजूरी दी थी
विमुद्रीकरण (नोटबंदी) से लगभग छह महीने पहले 19 मई, 2016 का एक दस्तावेज दिखाता है कि भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक द्वारा 18 मई, 2016 को पेश किए गए प्रस्ताव को केंद्रीय निदेशक मंडल ने मंजूरी दे दी थी।
यह (प्रस्ताव) भावी भारतीय बैंक नोटों के नए डिजाइनों, पैमाना और मूल्यों से संबंधित था और बोर्ड ने बोर्ड की बैठक के कुछ मिनट बाद मंजूरी के लिए इसे केंद्र सरकार के पास भेज दिया था।

ये भी पढ़ें

state bank of india एसबीआई में नौकरी करने के लिए गया था युवक, ऑफिस पहुंचा तो पुलिस पकड़कर ले गई जेल, सच जानकर हो जाएंगे हैरान

नोटों के एक नए परिवार को शुरू करने का प्रस्ताव था
इस तरह का प्रस्ताव पहले 8 जुलाई, 1993 को भी तत्कालीन सरकार के पास भेजा गया था, जिसमें 10, 20, 50, 100 और 500 रुपए के आकार को कम कर नए भारतीय बैंक नोटों के एक नए परिवार को शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया था। आरबीआई के मुंबई स्थित केंद्रीय कार्यालय से मुद्रा प्रबंधक विभाग (आरबीआई मुंबई) के मुख्य अधिकारी को भेजे गए एक ज्ञापन के मुताबिक, 15 जुलाई, 1993 को निदेशक मंडल की एक बैठक में पुराने प्रस्ताव (8 जुलाई, 1993) को मंजूरी दी गई थी, जिस पर तत्कालीन कार्यकारी निदेशक ए.पी. अय्यर के हस्ताक्षर थे।

एक रुपए के नोट के भी दस्तावेज मांगे थे
रॉय ने 27 फरवरी, 2017 को एक अलग आरटीआई भी दायर की थी, जिसमें एक रुपए के नोट पर महात्मा गांधी की तस्वीर मुद्रित न किए जाने के बारे में दस्तावेज मांगे गए थे। जबकि 5 रुपये से लेकर 2,000 तक के सभी नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर मुद्रित की जा रही है। इस विशेष प्रश्न के जवाब में आरबीआई ने 15 जुलाई, 1993, 13 जुलाई, 1994 और 19 मई, 2016 को हुई बोर्ड की बैठकों में पारित प्रस्ताव की प्रतियां मुहैया कराईं। हालांकि, ये प्रस्ताव केवल 10, 20, 50, 100 और 500 रुपये के लिए डिजाइन फीचर के बारे में बताते हैं, जिन पर राष्ट्रपिता की तस्वीर मुद्रित हैं।

ये भी पढ़ें

रिजर्व बैंक ने किया स्पष्ट – आधार नंबर को बैंक खातों से जोड़ना अनिवार्य
Published on:
28 Oct 2017 10:52 pm
Also Read
View All