जन धन खाता और सेविंग अकाउंट में अंतर होता है योजना के तहत खुलवाएं जाते हैं जन धन खाते
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने हर इंसान को बैंकिंग के दायरे में लाने के लिए जन धन अकाउंट की शुरूआत की थी। लेकिन आज इतने सालों के बाद भी लोगों जन धन अकाउंट को सेविंग अकाउंट समझने की भूल कर बैठते हैं जबकि असलियत ये है कि ये दोनो ही अकाउंट एक जैसे फीचर्स के बावजूद एक नहीं है। इनके कई सारे फीचर्स इन्हें एक-दूसरे से अलग बनाते हैं इसीलिए आज हम आपको इन दोनों अकाउंट के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप इन्हें एक समझने की गलती न करें।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले खाते भी बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट ही है, लेकिन इनमें कुछ सुविधाएं अतिरिक्त होती हैं। दोनों खातों में फर्क सिर्फ इतना है कि जन धन खाते स्कीम के तहत खुलते हैं, जबकि बेसिक सेविंग्स अकाउंट सामान्य तौर पर खुलते हैं।
सबसे पहले बात करते हैं बेसिक सेविंग अकाउंट की, इस अकाउंट में मिनिमम बैलेंस की कोई बाध्यता नहीं होती है, खाताधारक महीने में 4 बार अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं और इस खाते के लिए चेकबुक और एटीएम कार्ड भी इश्यू किया जाता है।
वहीं दूसरी तरफ जनधन खातों में ये सारी सुविधा मिलने के साथ-साथ खाताधारक को अकाउंट खुवाने के साथ 30 हजार रुपए का बीमा भी मिलता है। यही नहीं इस अकाउंट के साथ 2 लाख रुपये का ऐक्सिडेंटल डेथ कवर इंश्योरेंस और 10,000 रुपये की ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी भी मिलती है, जो बेसिक सेविंग्स अकाउंट में नहीं मिलती है।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल क्या बेसिक सेविंग अकाउंट को जनधन अकाउंट में कंवर्ट कराया जा सकता है । तो इसका जवाब है हां अगर आप ऐसा करना चाहते हैं तो आपको बैंक के पास KYC से रिलेटेड सारे डॉक्यूमेंट्स जमा कराने होंगे और बस उसके बाद आप अपना अकाउंट जन धन अकाउंट में बदलवा सकते हैं।