
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हाल ही में 2 बार इजाफा हो चुका है। (PC: ANI)
Petrol Diesel Prices Today: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में मंगलवार को दूसरी बार बढ़ोतरी की गई थी। सरकारी तेल कंपनियों ने फ्यूल दरों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया था। इससे पहले 15 मई को भी तीन रुपये प्रति लीटर की बढोतरी हुई थी, जो चार साल से अधिक समय बाद पहली बढ़ोतरी थी। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि तेल कंपनियां फ्यूल की कीमतों में एकदम इजाफा करने के बजाए रेट धीरे-धीरे क्यों बढ़ा रही हैं।
तेल कंपनियां आमतौर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एकदम बड़ा इजाफा करने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ोतरी करना पसंद करती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि छोटी-छोटी बढ़ोतरी से जनता पर एक साथ महंगाई का बोझ नहीं पड़ता। साथ ही नाराजगी भी कम होती है। पहले भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें सरकार तय करती थी और हर 15 दिन में बदलाव होता था, लेकिन बाद में कीमतों को बाजार के हवाले कर दिया गया। यानी तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से दाम तय करने की छूट मिल गई।
इसके बावजूद, कंपनियां संकट के समय अचानक बड़ी बढ़ोतरी से बचती रही हैं और चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाती हैं। यही वजह है कि बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे और पश्चिम एशिया का तनाव जारी रहा, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी जारी रह सकती है।
| शहर | पेट्रोल की कीमत (रुपये प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (रुपये प्रति लीटर) |
|---|---|---|
| New Delhi | ₹98.64 | ₹91.58 |
| Kolkata | ₹109.70 | ₹96.07 |
| Mumbai | ₹107.59 | ₹94.08 |
| Chennai | ₹104.51 | ₹96.13 |
| Gurugram | ₹99.51 | ₹92.01 |
| Noida | ₹98.49 | ₹98.91 |
| Bengaluru | ₹107.16 | ₹95.04 |
| Bhubaneswar | ₹105.25 | ₹96.83 |
| Chandigarh | ₹98.12 | ₹86.09 |
| Hyderabad | ₹111.84 | ₹99.95 |
| Jaipur | ₹108.55 | ₹93.81 |
| Lucknow | ₹98.39 | ₹91.72 |
| Patna | ₹110.09 | ₹96.11 |
| Thiruvananthapuram | ₹111.70 | ₹100.59 |
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगातार उतार-चढाव बना हुआ है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने क्रूड ऑयल की सप्लाई को लेकर चिंता बढा दी है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई रोकने के संकेत के बाद ब्रेंट क्रूड 109.43 डॉलर प्रति बैरल तक फिसला, लेकिन कीमतें अभी भी सामान्य स्तर से काफी ऊपर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई बाधित होती है तो आने वाले महीनों में दबाव और बढ सकता है। इसका सीधा असर भारतीय ग्राहकों पर दिखाई दे रहा है।
ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज (Emkay Global Financial Services) ने पहले अनुमान जताया था कि यदि वैश्विक क्रूड कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो अगले तीन से छह महीनों में पेट्रोल और डीजल 18 से 20 रुपये प्रति लीटर तक और महंगे हो सकते हैं।
साथ ही ऊर्जा विश्लेषक धवल पोपट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल के दाम में 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों की सालाना EBITDA आय करीब 15,000 से 16,000 करोड़ रुपये तक बढ़ सकती है। हालांकि, यदि लंबे समय तक कच्चा तेल महंगा बना रहता है, तो कंपनियों को नुकसान की भरपाई के लिए करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने नई दरें जारी करते हुए कहा कि अलग-अलग राज्यों में वैट और फ्रेट लागत के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखा जा सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां लंबे समय से ऊंचे क्रूड ऑयल के कारण नुकसान झेल रही थीं। इसी नुकसान की आंशिक भरपाई के लिए हाल की बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वृद्धि अभी भी कंपनियों के पूरे घाटे को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
Updated on:
20 May 2026 10:38 am
Published on:
20 May 2026 10:37 am
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