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Dinesh Thakkar: 12वीं पास, 40 साल किराए से रहे, अब जुहू में खरीदा 711 करोड़ का लग्जरी रेजिडेंशियल टावर

Angel One के फाउंडर और CMD दिनेश ठक्कर ने मुंबई के जुहू में एक पूरा लग्जरी रेजिडेंशियल टावर खरीदने के लिए एम्बेसी डेवलपमेंट्स के साथ 711 करोड़ रुपये से ज्यादा का सौदा किया है।
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Sep 22, 2026
luxury residential tower in Juhu purchased by Dinesh Thakkar for rs 711 crore
जुहू में बड़ी रेजिडेंशियल डील हुई है। (PC: AI)

Dinesh Thakkar Property: जो शख्स 40 साल तक किराए के मकान में रहा, उसने अब देश की सबसे बड़ी लग्जरी रेजिडेंशियल डील की है। हम बात कर रहे हैं ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन के फाउंडर और एमडी दिनेश ठक्कर की। उन्होंने मुंबई के जुहू में सिर्फ एक फ्लैट नहीं, बल्कि पूरे लग्जरी टावर की डील की है। दिनेश ठक्कर ने एम्बेसी डेवलपमेंट्स के साथ 711 करोड़ रुपये से ज्यादा में पूरा रेजिडेंशियल टावर खरीदने की डील की है।

यह सौदा पिछले सप्ताह हुआ है और इसे देश के सबसे बड़े सिंगल-रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में गिना जा रहा है। खास बात यह है कि ठक्कर ने टावर के अंदर कोई एक अपार्टमेंट नहीं खरीदा, बल्कि पूरी इमारत ही अपने नाम की है।

63,000 वर्गफुट में फैला है पूरा टावर

यह प्रोजेक्ट जुहू तारा रोड पर स्थित Embassy Terrazza है। G+7 मंजिल वाले इस पूरे टावर का रेरा कारपेट एरिया करीब 63,000 वर्गफुट है। 711 करोड़ रुपये से ज्यादा के सौदे के हिसाब से देखें तो प्रॉपर्टी की कीमत करीब 1.13 लाख रुपये प्रति वर्गफुट बैठती है। यह आंकड़ा जुहू में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए नया रिकॉर्ड माना जा रहा है। यानी यह सिर्फ बड़ी रकम का सौदा नहीं है। एक ही ट्रांजैक्शन में इतनी बड़ी रेजिडेंशियल जगह खरीदना भी इसे खास बनाता है।

दिसंबर 2031 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

Embassy Terrazza एक बड़े पांच टावर वाले प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 2 एकड़ जमीन पर विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट में कुल 50 रेजिडेंस हैं। पूरे प्रोजेक्ट का अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसे एम्बेसी डेवलपमेंट्स डेवलपमेंट मैनेजमेंट मॉडल के तहत तैयार कर रहा है। प्रोजेक्ट के दिसंबर 2031 तक पूरा होने की उम्मीद है।

40 साल तक किराए के मकान में रहे

दिनेश ठक्कर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने करियर की शुरुआत में घर खरीदने में पैसा लगाने के बजाए बिजनेस में पैसा लगाया। वे 38-40 साल की उम्र तक किराए से रहे थे। ठक्कर ने बताया कि जब बिजनेस अच्छा रिटर्न दे रहा था, जो उन्होंने पैसे को प्रॉपर्टी में लगाने के बजाए बिजनेस में ही फिर से इन्वेस्ट करना सही समझा। जब बिजनेस अच्छे से स्टेबल हो गया, तो फिर उन्होंने घर खरीदने का सोचा।

सिर्फ 12वीं तक पढ़े हैं दिनेश ठक्कर

आपको यह जानकर आश्चर्च होगा कि दिनेश ठक्कर ने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की है। इसके बावजूद उन्होंने भारत की फाइनेंशियल इंडस्ट्री में विशेष पहचान बनाई है। एंजेल वन आज देश की प्रमुख फाइनेंशियल कंपनियों में शामिल है। इसे पहले एंजेल ब्रोकिंग के नाम से जाना जाता था। ठक्कर ने 1990 के दशक की शुरुआत में इस इंडस्ट्री में कदम रखा था। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।

मुंबई में लग्जरी घरों की मांग बरकरार

मुंबई के प्रीमियम इलाकों में महंगे घरों की मांग लगातार बनी हुई है। खासतौर पर बड़े कारोबारी, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स और कॉरपोरेट जगत के बड़े अधिकारी बड़े आकार के घरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। जुहू, बांद्रा और वर्ली जैसे इलाकों में जमीन और बड़े रेजिडेंशियल यूनिट की उपलब्धता सीमित है। ऐसे में अच्छी लोकेशन पर बड़ी प्रॉपर्टी मिलना अपने आप में बड़ी बात है। यही वजह है कि इस सेगमेंट में कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं।

जुहू क्यों बना अल्ट्रा-लग्जरी घरों का बड़ा बाजार?

जुहू लंबे समय से मुंबई के सबसे महंगे और चर्चित रिहायशी इलाकों में शामिल है। यहां खरीदार सिर्फ बड़ा घर नहीं देखते। प्राइवेसी, बड़ी फ्लोर प्लेट, बेहतर सुविधाएं और आसपास का माहौल भी बड़ी भूमिका निभाता है। एयरपोर्ट की नजदीकी, पश्चिमी मुंबई के प्रमुख इलाकों तक आसान पहुंच और मजबूत सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी जुहू को हाई-एंड रेजिडेंशियल मार्केट में मजबूत बनाए रखा है।

Updated on:
22 Sept 2026 10:41 am
Published on:
22 Sept 2026 10:08 am