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Edible Oil Price: सस्ते होने वाले हैं सोयाबीन और पाम ऑयल जैसे खाने के तेल, घट जाएगी पैकेट पर छपी MRP, क्या है वजह?

Edible Oil Price: सरकार ने ऑयल इंडस्ट्री से कहा है कि इंपोर्ट ड्यूटी में राहत का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाया जाए। खाद्य कंपनियां अब अपनी एमआरपी संशोधित कर रही हैं।

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Feb 26, 2026
Edible Oil Price
खाद्य तेल सस्ते होने की उम्मीद है। (PC: AI)

आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती की है। अभी कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन और कच्चे सूरजमुखी तेल पर 20% आयात शुल्क लगता है। केंद्र ने इसे घटाकर 10% कर दिया है। इससे इन तेलों पर कुल टैक्स भार 27.5% से घटकर 16.5% रह जाएगा। नई दरें 31 मई से पूरे देश में लागू होंगी। सरकार के इस फैसले के बाद 31 मई से बाजार में खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।

इस कदम का सीधा असर तेल की बोतलों पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर पड़ेगा और कंपनियां जल्द ही नए दामों के साथ प्रोडक्ट बाजार में उतारेंगी।

कीमतों में इतनी आ सकती है गिरावट

सरकार ने तेल उद्योग से स्पष्ट कहा है कि आयात शुल्क में राहत का लाभ ग्राहकों तक पहुंचना चाहिए। खाद्य तेल कंपनियां अब अपने स्टॉक और नई खेप के हिसाब से अधिकतम खुदरा मूल्य में संशोधन कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में खुदरा बाजार में कीमतों में पांच से 10 रुपए प्रति लीटर की कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक गिरावट ब्रांड और क्षेत्र के अनुसार होगी।

महंगाई पर काबू पाने की कोशिश

पिछले कुछ महीनों में खाद्य तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई थी, जिससे लोगों के घरेलू बजट पर असर पड़ा। सरकार ने यह कदम महंगाई पर नियंत्रण पाने और जरूरी वस्तुओं को सस्ता रखने की दिशा में उठाया है। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि आयात शुल्क में कमी से घरेलू तिलहन किसानों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। सस्ता आयातित तेल बाजार में आने से स्थानीय उत्पादकों के दाम प्रभावित होंगे।

Published on:
26 Feb 2026 02:50 pm