2 से 6 अगस्त के दौरान एफपीआई ने शेयरों में 975 करोड़ रुपए और बांड बाजार में 235 करोड़ रुपए का निवेश किया।
नई दिल्ली। जुलाई विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालने में लगे थे, लेकिन अगस्त के पहले छह कारोबारी दिनों में से विगत पांच दिनों में फिर से भरोसा जताया है। पिछले पांच दिनों में फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशकों ( FPI ) ने भारतीय बाजारों में 1,210 करोड़ रुपए निवेश कर दिखाया है। ताजा आंकडों के मुताबिक दो से छह अगस्त के दौरान एफपीआई ने शेयरों में 975 करोड़ रुपए का निवेश किया है। वहीं लोन या बांड बाजार में 235 करोड़ रुपए का निवेश किया। यानि विदेशी निवेशकों ने कुल 1,210 करोड़ रुपए का निवेश अगस्त के पहले कारोबारी सप्ताह में किया। ध्यान रखने की बात यह है कि जुलाई में एफपीआई ने 7,273 करोड़ रुपए बाजार से निकाल लिए थे।
विदेशी निवेशकों के इस रुख पर मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि इन आंकड़ों से अभी रुख में बदलाव के कोई संकेत नहीं मिलता। ऊंचे मूल्यांकन, तेल कीमतों में तेजी और डॉलर में मजबूती की वजह से विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों से दूरी बना रहे हैं। हालांकि, शेयर बाजार अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर है। ऐसे में एफपीआई नियमित अंतराल पर मुनाफा भी काट रहे हैं।
दूसरी ओर जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ स्ट्रेटजिस्ट वीके विजय कुमार का कहना है कि एफपीआई के लौटने से बड़ी कंपनियों के शेयरों की मांग बढ़ी है। जबकि कोटक सिक्योरिटीज के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्रीकांत चौहान के मुताबिक बाजार पीएमआई में सुधार, सीएमआईई सर्वे में बेरोजगारी दर में कमी तथा जीएसटी संग्रह में सुधार से उत्साहित है। ये बात अलग है कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल है।