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Multibagger Return: पिछले 20 साल में शेयर बाजार में 9 गुना और गोल्ड में 15 गुना हुआ लोगों का पैसा, रियल एस्टेट ने कितना दिया रिटर्न?

Stock Market Return: लंबी अवधि में शेयर बाजार ने FD, डेट और रियल एस्टेट जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों से कहीं ज्यादा रिटर्न दिया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय और अमेरिकी इक्विटी ने 10 से 35 साल की अवधि में निवेशकों की दौलत कई गुना बढ़ा दी।

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May 21, 2026
Share Market और गोल्ड ने लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न दिया है। (PC: AI)

Gold Investment Return: अगर कोई अब भी सिर्फ FD को ही सबसे सुरक्षित और सबसे अच्छा निवेश मानता है, तो शायद उसे ये आंकड़े चौंका सकते हैं। लंबी अवधि में शेयर बाजार और गोल्ड ने ऐसा दम दिखाया है कि बाकी ज्यादातर निवेश विकल्प पीछे छूट गए। चाहे भारतीय बाजार हो या अमेरिकी, इक्विटी ने वक्त के साथ निवेशकों की दौलत कई गुना बढ़ाई है। हाल ही में आई FundsIndia की रिपोर्ट बताती है कि धैर्य रखने वाले निवेशकों को शेयर बाजार ने जमकर फायदा दिया। उतार-चढ़ाव, मंदी, आर्थिक संकट और बाजार में कई बड़े झटकों के बावजूद इक्विटी ने लंबी रेस में बाजी मारी है।

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20 साल में 9 गुना हो गया पैसा

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार ने पिछले 10 साल में औसतन 13.2 फीसदी सालाना रिटर्न दिया। 15 साल में यह करीब 11.3 फीसदी सालाना और 20 साल में 11.4 फीसदी सालाना के आसपास रहा। आसान भाषा में समझें तो 10 साल में पैसा करीब साढ़े तीन गुना, 15 साल में पांच गुना और 20 साल में लगभग नौ गुना तक पहुंच गया।

अमेरिकी शेयर बाजार का प्रदर्शन तो इससे भी ज्यादा मजबूत रहा। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी शेयरों ने 10 और 15 साल की अवधि में करीब 19 फीसदी सालाना रिटर्न दिया। 20 साल में भी रिटर्न 15 फीसदी सालाना से ऊपर रहा। यानी लंबे समय तक निवेश बनाए रखने वालों का पैसा कई गुना बढ़ गया।

गोल्ड ने 20 साल में 15 गुना कर दिया लोगों का पैसा

सोने ने भी लॉन्ग टर्म में मजबूत परफॉर्म किया। 20 साल में गोल्ड ने करीब 14.6 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया और निवेशकों का पैसा 15 गुना से ज्यादा बढ़ा। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि अमेरिकी शेयर बाजार ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया।

प्रॉपर्टी से मिला कम रिटर्न

वहीं, दूसरी तरफ रियल एस्टेट और डेट इंस्ट्रूमेंट्स की रफ्तार काफी धीमी दिखी। प्रॉपर्टी से 15 से 20 साल की अवधि में करीब 5 से 8 फीसदी तक का रिटर्न मिला। डेट निवेश जैसे बॉन्ड और दूसरे साधनों का रिटर्न भी लगभग 7.5 फीसदी के आसपास रहा।

35 साल में 1 लाख के किए 85 लाख

रिपोर्ट में निफ्टी 50 के 35 साल के प्रदर्शन का भी जिक्र किया गया है। जुलाई 1990 से अब तक भारतीय इक्विटी ने करीब 13.2 फीसदी CAGR दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर किसी ने 35 साल पहले 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब 85 लाख रुपये के आसपास पहुंच सकती थी। यही वजह है कि बाजार के जानकार इक्विटी को लंबी अवधि में वेल्थ बनाने का सबसे मजबूत जरिया मानते हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में ज्यादा रिटर्न

अब सवाल आता है कि शेयर बाजार के किस हिस्से ने सबसे ज्यादा कमाई कराई? आंकड़े बताते हैं कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों ने लंबी अवधि में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया। Nifty Midcap 150 TRI ने 20 साल में करीब 14.6 फीसदी सालाना रिटर्न दिया और पैसा 15 गुना से ज्यादा बढ़ाया। वहीं Nifty Smallcap 250 TRI ने करीब 12.7 फीसदी रिटर्न देकर निवेश को लगभग 11 गुना कर दिया। लार्जकैप शेयर भी पीछे नहीं रहे। Nifty 100 TRI ने 20 साल में करीब 11.8 फीसदी सालाना रिटर्न दिया और निवेशकों की रकम लगभग 9 गुना तक पहुंचाई।

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Updated on:
21 May 2026 03:26 pm
Published on:
21 May 2026 03:16 pm
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