सर्वे में पता लगा है कि कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी में कमसे कम 7.3 फीसदी की बढ़ोतरी (salary increment) कर सकती हैं। इस साल में इंक्रीमेंट का परसेंटेज बीते साल की अपेक्षा 4 परसेंट से बढ़ कर 7 परसेंट तक हो सकता है
नई दिल्ली: बीते साल 2020 में कोरोना महामारी (Corona) ने पूरी दुनिया के सामने संकट पैदा कर दिया था। खासकर सैलरिड क्लास (Salaried Class) के लिए इंक्रीमेंट तो क्या रोजगार का संकट पैदा कर दिया था। लेकिन अब ऐसा लगता है बुरा दौर बीत चुका है। हाल ही में हुए एक सर्वे में पता लगा है कि कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी में कमसे कम 7.3 फीसदी की बढ़ोतरी (salary increment) कर सकती हैं। दरअसल कंज्यूमर डिमांड बढ़ने की वजह से कंपनियां कर्मचारियों को इसका फायदा देंने का इरादा कर रही हैं।
सैलरी में होगी खासी बढ़ोत्तरी
इंक्रीमेंट के विषय में सर्वे किया है Deloitte Touche Tohmatsu India LLP (DTTILLP) ने, इस सर्वे में जो नतीजे आए हैं उसके मुताबित मौजूदा साल में इंक्रीमेंट का परसेंटेज बीते साल की अपेक्षा 4 परसेंट से बढ़ कर 7 परसेंट तक हो सकता है जबकि 2019 के 8.6 परसेंट के मुकाबले कम होगा। सर्वे में शामिल की गईं 92 फीसदी कंपनियों का मानना है कि वे इस साल अपने कर्मचारियों को इंक्रीमेंट बढ़ा कर देंगी, ऐसे में यह माना जा सकता है कि यह साल कर्मचारियों के लिए काफी अच्छा हो सकता है।
20 परसेंट तक बढ़ सकती हैं कर्मचारियों की सैलरी
सर्वे के नतीजे बताते हैं कि 'कोरोना महामारी के बाद ठप हुए कामकाज के बाद अब बेहतर आर्थिक रिकवरी, बिजनेस रिवाइवल और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का असर यह हो रहा है कि कंपनियों का प्रॉफिट बढ़ने की उम्मीद जागी है। जिस कारण कंपनियां सैलरी में इंक्रीमेंट देने का इरादा बना रही हैं।' सर्वे तो यह भी बता रहे हैं कि कंपनियां इस साल डबल डिजिट में यानी 20 परसेंट तक अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा सकती हैं ।
ज्यादा सैलरी बढ़ाने वाले सेक्टर
जो कंपनियां साल 2020 में सैलरी में इंक्रीमेंट नहीं दी थी उनमें से सिर्फ 30 परसेंट कर्मचारियों को ही इंक्रीमेंट या बोनस के नाम पर बीते साल के नुकसान की भरपाई की जा सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है लाइफ साइंस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी (IT) सेक्टर में सबसे ज्यादा इंक्रीमेंट मिल सकता है।
सबसे कम इंक्रीमेंट वाले सेक्टर
जानकार मानते हैं कि मैन्यूफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर के कर्मचारियों की सैलरी में सबसे कम बढ़ोत्तरी हो सकती है। मेडिकल फील्ड एकमात्र ऐसा सेक्टर है जहां 2019 के बराबर सैलरी में इंक्रीमेंट दे सकता है जबकि बाकी सभी सेक्टर्स 2021 में साल 2019 के मुकाबले कम इंक्रीमेंट दें सकते हैं। जबकि ई-कॉमर्स और आईटी व डिजिटल सेक्टर से जुड़ी कंपनियां ही साल 2021 में डबल डिजिट में सैलरी बढ़ा सकती हैं। पर हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, रीन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में सबसे कम सैलरी बढ़ने के चांस हैं।