सीबीआईसी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो करोड़ रुपए तक की बिक्री वाले कारोबारियों को वार्षिक जीएसटी रिटर्न फाइल करने से छूट दी है।
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) के मोर्चे पर छोटे कारोबारियों के साथ पांच करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों और व्यवसायों को बड़ी राहत दी है। केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) ने एक अगस्त, 2021 से वार्षिक जीएसटी रिटर्न फाइल करने के नियमों को और अधिक उदार बनाया है। सरकार ने वार्षिक जीएसटी रिटर्न में सही विवरण भरने की जिम्मेदारी टैक्सपेयर्स पर डाल दी है।
सीए से सत्यापित फॉर्म भरना जरूरी नहीं
CBIC ने पांच करोड़ से अधिक के कारोबार वाले कारोबारियों की ओर से वार्षिक जीएसटी रिटर्न में फॉर्म 9सी में अलग से सीए या कॉस्ट अकाउंटेंट की ओर से सत्यापित समाधान विवरण प्रस्तुत करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। अब कारोबारी या कंपनी इसकी स्व-प्रमाणित कॉपी जमा करा सकते हैं। अब तक टैक्सपेयर्स को फॉर्म जीएसटीआर - 9सी के रूप में सीए से सत्यापित समाधान विवरण अलग से जमा कराना पड़ता था।
कंपनियां स्व-प्रमाणित कर सकेंगी
सीबीआईसी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो करोड़ रुपए तक की बिक्री वाले कारोबारियों को वार्षिक जीएसटी रिटर्न फाइल करने से छूट दी है। इसके अलावा 5 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारी और कंपनियां अब अपने वार्षिक जीएसटी रिटर्न को खुद स्व-प्रमाणित कर सकेंगी। इन्हें इसका चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से अनिवार्य ऑडिट सत्यापन कराने की जरूरत नहीं होगी।
केन्द्र सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे टैक्स सुधारों के चलते देश में जीएसटी संग्रह भी लगातार बढ़ रहा है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जुलाई माह में 33 फीसदी बढ़कर 1.16 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। जुलाई 2020 में कर संग्रह 87,422 करोड़ रुपए रहा था, जबकि जून 2021 में जीएसटी संग्रह 92,849 करोड़ रहा। इस वर्ष जुलाई माह में सकल जीएसटी राजस्व 1,16,393 करोड़ रुपए रहा।