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Heatwave Alert: एक दिन में 252 GW खर्च, अप्रैल की गर्मी ने ऐसा झुलसाया कि टूट गए सारे रिकॉर्ड

India Peak Power Demand 2026: 24 अप्रैल 2026 को भारत की पीक पावर डिमांड 252.07 GW के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। तेज लू और कूलिंग उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल से मई 2024 का 250 GW का रिकॉर्ड टूट गया।

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बिजली कटौती ने बढ़ाई आफत (photo source- Patrika)

बिजली (photo source- Patrika)

अभी मई-जून का महीना आया भी नहीं है और भारत में अब तक का एक दिन में बिजली उपभोग का नया रिकॉर्ड बन गया है। बिजली मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 24 अप्रैल 2026 को देश की पीक पावर डिमांड 252.07 GW तक पहुंच गई, जो अब तक की सबसे ऊंचा स्तर है। इसका मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में तेज गर्मी और लू को बताया जा रहा है।

पिछले रिकॉर्ड से कितना आगे

24 अप्रैल से पहले 22 अप्रैल बिजली का उपभोग 239.70 GW था और 23 अप्रैल को 240.12 GW। लेकिन 240 के बाद यह सीधा 252.07 GW तक जा पहुंचा यानी एक ही दिन में 11.95 GW का ज्यादा उपभोग। लगातार बढ़ता उपयोग बताता है कि गर्मी कितनी तेजी से बढ़ रही है।

पिछले रिकॉर्ड से कितना ज्यादा है यह

इससे पहले पीक पावर डिमांड का रिकॉर्ड मई 2024 में 250 GW दर्ज किया गया था। उससे भी पहले सितंबर 2023 में यह 243.27 GW था। यानी हर साल यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है और इस बार अप्रैल में ही पुराने सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए।

रिकॉर्ड तोड़ मांग के पीछे की बड़ी वजहें

बिजली के इस रिकॉर्ड तोड़ उपभोग के पीछे तीन बड़े कारण सामने आए हैं। पहला कारण झुलसाती लू है जिससे लोग घरों और दफ्तरों में लागातर AC और कूलर का उपयोग कर रहे हैं। दूसरा कारण है EV व्हीकल जिनकी चार्जिंग के लिए बिजली का उपभोग बढ़ा है। इसके साथ ही डेटा सेंटर्स की बढ़ती संख्या के कारण बिजली खपत का एक नया पैटर्न बना है। इसके साथ मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण घर की रसोई में इंडेक्शन और हिटर का उपयोग बढ़ गया है। इस बदलाव ने अकेले ग्रिड पर 13 से 27 गीगावाट का एक्स्ट्रा बोझ डाल दिया है।

आगे और तेज हो सकती है मांग

बिजली मंत्रालय ने इस गर्मी के सीजन के लिए पीक पावर डिमांड का अनुमान 270 GW लगाया था। अभी 252.07 GW की डिमांड उस अनुमान से काफी नीचे है। IMD के अनुसार इस आने वाले समय में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने पहले ही इस बार की गर्मी को सामान्य से ज्यादा कठोर बताया है। इससे घरों और ऑफिसों में AC और कूलर का इस्तेमाल ज्यादा हो सकता है, जिससे बिजली की खपत और ऊपर जा सकती है।