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Credit Card कहीं बन तो नहीं गया कर्ज का जंजाल! Minimum Amount Due का नहीं किया सही यूज तो पड़ जाएगा पछताना

Minimum Amount Due: क्रेडिट कार्ड के बिल पेमेंट के समय बैंक आपको एक ऑप्शन Minimum Amount Due का भी देता है। जब किसी महीने आपके पास पूरा बिल चुकाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, तो आप न्यूनतम राशि का भुगतान कर सकते हैं।
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Updated: 13 Jan 2026, 5:48 PM IST
Credit Card Interest Rate
क्रेडिट कार्ड पर भारी ब्याज दर लगती है। (PC: AI)

Credit Card Interest Rate: अगर आप क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से इस्तेमाल करना जानते हैं, तो यह कई तरह के फायदे देता है, लेकिन आप गैर-जिम्मेदारी के साथ इसका इस्तेमाल करते हैं, तो कर्ज के जाल में फंस सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि लोग क्रेडिट कार्ड के टेक्निकल पहलुओं को ठीक से नहीं समझते और फिर भारी ब्याज व फीस चुकाने को मजबूर हो जाते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं।

कब चुन सकते हैं ‘Minimum Amount Due’ का विकल्प?

अगर आप क्रेडिट कार्ड यूजर हैं, तो हर महीने आपको कार्ड स्टेटमेंट मिलता होगा। बिल पेमेंट के समय बैंक आपको दो ऑप्शन देता है- पूरा बिल चुकाने का या फिर Minimum Amount Due भरने का। जब किसी महीने आपके पास पूरा बिल चुकाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, तो आप न्यूनतम राशि का भुगतान कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा राहत जरूर देती है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

क्या है ‘Minimum Amount Due’ का कॉन्सेप्ट?

जो लोग नया क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना शुरू करते हैं, वे अक्सर न्यूनतम भुगतान को सही तरीके से नहीं समझते। जबकि यह जानना बेहद जरूरी है कि यह ऑप्शन कैसे काम करता है। Minimum Amount Due दरअसल आपके कुल बिल का एक छोटा सा हिस्सा होता है, जिसे समय पर चुकाने से आप लेट फीस और डिफॉल्ट से बच जाते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपका पूरा बकाया खत्म हो गया।

न्यूनतम भुगतान करने के फायदे

लेट फीस से बचाव: अगर आप पूरा बिल नहीं चुका पा रहे हैं, तो कम से कम न्यूनतम राशि भरने से लेट फीस नहीं लगती।
क्रेडिट कार्ड अकाउंट एक्टिव रहता है: मिनिमम पेमेंट करने पर बैंक आपके कार्ड को डिफॉल्टर कैटेगरी में नहीं डालता।
क्रेडिट स्कोर सुरक्षित रहता है: समय पर न्यूनतम भुगतान करने से क्रेडिट स्कोर पर तुरंत नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
शॉर्ट टर्म राहत: अचानक किसी बड़े खर्च की वजह से अगर कैश की कमी हो, तो यह विकल्प थोड़े समय के लिए राहत दे सकता है।

मिनिमम ड्यू पेमेंट के नुकसान

भारी ब्याज का बोझ: मिनिमम पेमेंट करने के बाद बाकी बची रकम पर बैंक 30-40% तक सालाना ब्याज वसूल सकता है, क्योंकि आप इंटरेस्ट-फ्री पीरियड खो देते हैं।
कर्ज के जाल में फंसने का खतरा: अगर आप हर महीने सिर्फ न्यूनतम भुगतान करते हैं, तो मूल रकम चुकाने में सालों लग सकते हैं।
क्रेडिट स्कोर पर लंबा असर: ज्यादा बकाया राशि रहने से क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बढ़ता है, जो लंबे समय में आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे भविष्य में लोन या नया क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो सकता है।

क्या करना चाहिए?

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय कोशिश करें कि हर महीने पूरा बिल चुकाया जाए। मिनिमम अमाउंट ड्यू को सिर्फ आपात स्थिति में ही चुनें, आदत न बनाएं। तभी क्रेडिट कार्ड आपके लिए फायदेमंद साबित होगा, नहीं तो परेशानी का कारण बन सकता है।

Updated on:
13 Jan 2026, 5:48 PM IST
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