
HDFC Bank Q1 Result: देश में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक के जून तिमाही के नतीजे आने के बाद भी निवेशकों का भरोसा शेयर में नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को बैंक का शेयर बीएसई पर करीब 1 फीसदी से ज्यादा टूटकर 745 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा। खास बात यह है कि यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है, जब शेयर में गिरावट दर्ज की गई है। तिमाही नतीजों के बाद से अब तक यह शेयर करीब 10 फीसदी फिसल चुका है। हालांकि, बड़े विदेशी और घरेलू ब्रोकरेज हाउस अभी भी इस शेयर को लेकर सकारात्मक नजरिया बनाए हुए हैं। उनका मानना है कि मौजूदा स्तर से एचडीएफसी बैंक के शेयर में आगे अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में एचडीएफसी बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में बैंक ने 18,155 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 7 फीसदी बढ़कर 33,534 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। एक साल पहले यह 31,438 करोड़ रुपये थी।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंक के नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे, लेकिन नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में आई गिरावट ने निवेशकों को थोड़ा निराश किया। बैंक ने कॉरपोरेट लोन पर ज्यादा फोकस किया, जिससे लोन ग्रोथ तो मजबूत रही, लेकिन मार्जिन पर दबाव बढ़ गया। यही वजह है कि अच्छे नतीजों के बावजूद शेयर में बिकवाली देखने को मिली।
विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने एचडीएफसी बैंक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और 1,050 रुपये का टार्गेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 39 फीसदी की संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का कहना है कि जून तिमाही के नतीजे अनुमान के अनुरूप रहे। नेट इंटरेस्ट मार्जिन थोड़ा कमजोर रहा, लेकिन कम ऑपरेटिंग खर्च और कम क्रेडिट कॉस्ट ने इसकी भरपाई कर दी। जेफरीज का मानना है कि अगले कुछ वर्षों में बैंक का मार्जिन सुधरेगा, जिससे मुनाफे की ग्रोथ बेहतर होगी। फर्म ने मौजूदा वैल्यूएशन को भी आकर्षक बताया।
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने भी एचडीएफसी बैंक पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है और 950 रुपये का टार्गेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक का प्रदर्शन कुल मिलाकर अनुमान के मुताबिक रहा। नोमुरा ने FY27 के लिए लोन ग्रोथ का अनुमान 13 फीसदी से बढ़ाकर 16 फीसदी और डिपॉजिट ग्रोथ का अनुमान 15 फीसदी से बढ़ाकर 17 फीसदी कर दिया है। उसका कहना है कि कम प्रावधान और कम खर्च के चलते बैंक की कमाई पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। FCNR(B) योजना के जरिए भी बैंक बेहतर बाजार हिस्सेदारी हासिल कर सकता है।
मोतीलाल ओसवाल ने भी एचडीएफसी बैंक पर 'Buy' रेटिंग दोहराई है और 1,050 रुपये का टार्गेट रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक की बिजनेस ग्रोथ मजबूत रही और प्रावधान भी कम रहे। हालांकि, NIM में 12 बेसिस प्वाइंट की गिरावट निराशाजनक रही। लोन ग्रोथ में SME और कॉरपोरेट सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा, जबकि रिटेल लोन की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। फर्म का मानना है कि अगले दो वर्षों में बैंक के महंगे कर्ज मैच्योर होंगे। इससे फंडिंग लागत घटेगी, मार्जिन सुधरेगा और मुनाफे को सपोर्ट मिलेगा।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)