
Hero Motors Share Price: हीरो मोटर्स के शेयर भले ही स्टॉक एक्सचेंजों पर डिस्काउंट पर लिस्ट हुए, लेकिन लिस्टिंग के बाद से इस शेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली है। महज तीन कारोबारी सत्र में इस शेयर की तस्वीर बदल गई है। शुक्रवार, 25 सितंबर को शेयर में शुरूआती कारोबार के दौरान ही 20% का अपर सर्किट लग गया। इसके साथ ही यह शेयर 84 रुपये के IPO भाव से करीब 69% ऊपर पहुंच गया है। हालांकि, तेज उछाल के बाद अब कंपनी की वैल्यूएशन, मुनाफे और ग्राहकों पर निर्भरता जैसे पहलुओं पर निवेशकों की नजर है।
शुक्रवार को हीरो मोटर्स का शेयर एनएसई पर 130 रुपये पर खुला। यह पिछले बंद भाव 118.21 रुपये से करीब 10% ऊपर खुला। कारोबार के दौरान शेयर ने 141.85 रुपये का इंट्राडे हाई बनाया। इस स्तर पर शेयर 20% तक चढ़ गया। सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर भी शेयर में 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा हुआ था।
यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है, जब हीरो मोटर्स के शेयर में तेजी देखने को मिली है। इससे पहले गुरुवार को भी शेयर करीब 20% चढ़ा था। लिस्टिंग वाले दिन भी इसमें 17% से ज्यादा की तेजी आई थी।
हीरो मोटर्स की शेयर बाजार में शुरुआत निवेशकों की उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। 23 सितंबर को एनएसई पर कंपनी का शेयर 82 रुपये पर लिस्ट हुआ था। यह 84 रुपये के आईपीओ प्राइस से 2.38% कम था। बीएसई पर शेयर 82.10 रुपये पर लिस्ट हुआ, यानी इश्यू प्राइस से करीब 2.26% नीचे लिस्ट हुआ था। लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर ने लगातार तीन सत्रों में तेजी दर्ज की। शुक्रवार की तेजी के बाद आईपीओ प्राइस के मुकाबले शेयर में करीब 69% का उछाल आ चुका है। अब बड़ा सवाल यह है कि इतनी तेज बढ़त के बाद शेयर की आगे की चाल कैसी रह सकती है।
हीरो मोटर्स ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और पावरट्रेन सॉल्यूशंस के कारोबार में है। कंपनी अमेरिका, यूरोप, भारत और ASEAN देशों में ग्लोबल ऑटो कंपनियों को इंजीनियर्ड पावरट्रेन सोल्यूशन उपलब्ध कराती है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेस के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, भारत का टू-व्हीलर बाजार FY31 तक 6-7% की सीएजीआर से बढ़कर 2.9-3.1 करोड़ यूनिट तक पहुंच सकता है। वहीं, CY25 से CY31 के बीच गियर्स और ट्रांसमिशन मार्केट में 6-8% की CAGR से बढ़ोतरी का अनुमान है।
हालांकि, उनका कहना है कि कमजोर लिस्टिंग का असर निकट अवधि में निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है। नए निवेशकों के लिए शेयर के कुछ समय स्थिर होने का इंतजार करना एक विकल्प हो सकता है। लंबी अवधि में कंपनी की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कारोबार बढ़ाने के साथ मुनाफे और कैश फ्लो में कितना सुधार कर पाती है।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की हेड ऑफ वेल्थ शिवानी न्याती ने भी कंपनी के पावरट्रेन कारोबार और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में बढ़ते अवसरों को अहम बताया है। हालांकि, उन्होंने कंपनी के वैल्यूएशन और कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता को लेकर सावधानी की बात कही। न्याती के मुताबिक, हीरो मोटर्स का P/E करीब 69-74 गुना है, जबकि इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों का औसत P/E करीब 50.2 गुना है। यानी मौजूदा वैल्यूएशन इंडस्ट्री के औसत से ऊपर है।
कंपनी का Return on Net Worth यानी RoNW बढ़कर 8.53% हो गया है, जबकि EBITDA मार्जिन करीब 10.2% है। हालांकि, ये दोनों आंकड़े प्रमुख प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में अभी नीचे हैं। उनके अनुसार, नए निवेशक बेहतर वैल्यूएशन या शेयर में कुछ स्थिरता आने का इंतजार कर सकते हैं। मौजूदा निवेशकों के लिए उन्होंने करीब 75 से 77 रुपये का स्टॉप लॉस बताया है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)