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Home Loan Charges: होम लोन के साथ आते हैं कई सारे हिडन चार्जेज, यहां देखिए लिस्ट

Home Loan Charges: बैंक होम लोन देते समय टेक्निकल असेसमेंट फीस भी लेते हैं। यह फीस प्रॉपर्टी की स्थिति और उसकी बाजार कीमत का आकलन कराने के लिए ली जाती है।

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Mar 04, 2026
Home Loan Charges
होम लोन के साथ कई हिडन चार्जेज आते हैं। (PC: AI)

Home Loan Charges: बिना सही जानकारी और बिना तैयारी के लिया गया होम लोन कई बार महंगा पड़ जाता है। इसलिए लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और एनबीएफसी द्वारा दी जा रही ब्याज दरों और अन्य शुल्कों की तुलना करना जरूरी होता है। जहां आपको कम लागत पर लोन मिल रहा हो, वहीं से लोन लेना बेहतर रहता है। दरअसल, होम लोन देते समय बैंक सिर्फ ब्याज ही नहीं लेते, बल्कि कई तरह के अतिरिक्त चार्जेज भी वसूलते हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।

आवेदन शुल्क

होम लोन के लिए आवेदन करते समय बैंक एक निश्चित शुल्क लेता है, जिसे आवेदन शुल्क या लॉग-इन फीस कहा जाता है। यह शुल्क आमतौर पर नॉन-रिफंडेबल होता है, यानी लोन मंजूर हो या नहीं, यह फीस वापस नहीं मिलती।

प्रोसेसिंग फीस

लोन एप्लीकेशन की जांच और प्रोसेसिंग के लिए बैंक प्रोसेसिंग फीस लेते हैं। यह भी सामान्यतः नॉन-रिफंडेबल होती है। हालांकि, कुछ मामलों में ग्राहक बातचीत कर इसे कम या माफ करवा सकते हैं। कई बैंक इसे किस्तों में चुकाने का विकल्प भी देते हैं।

लीगल फीस

प्रॉपर्टी के कानूनी दस्तावेजों और टाइटल की जांच के लिए लीगल फीस ली जाती है। अगर प्रॉपर्टी पहले से ही बैंक की अप्रूव्ड लिस्ट में शामिल हो, तो कई बार यह शुल्क माफ भी कर दिया जाता है।

टेक्निकल असेसमेंट फीस

बैंक प्रॉपर्टी की स्थिति और उसकी बाजार कीमत का आकलन कराने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ भेजते हैं। इस प्रक्रिया के लिए टेक्निकल असेसमेंट फीस ली जाती है। कुछ बैंक इसे प्रोसेसिंग फीस में शामिल कर देते हैं, जबकि कुछ इसे अलग से चार्ज करते हैं।

मॉर्गेज डीड फीस

मॉर्गेज डीड एक कानूनी दस्तावेज होता है, जिसके जरिए ग्राहक अपनी प्रॉपर्टी को लोन के बदले बैंक के पास गिरवी रखने की सहमति देता है। यह शुल्क आमतौर पर लोन राशि के एक प्रतिशत के रूप में लिया जाता है। कुछ विशेष ऑफर्स के तहत बैंक इस फीस को माफ भी कर सकते हैं।

कमिटमेंट फीस

अगर लोन मंजूर होने के बाद ग्राहक तय समय तक लोन नहीं लेता, तो बैंक कमिटमेंट फीस वसूल सकता है। इसे कई बार Undisbursed Loan Fee भी कहा जाता है।

प्रीपेमेंट पेनल्टी

अगर ग्राहक लोन की तय अवधि खत्म होने से पहले ही लोन चुका देता है, तो बैंक प्रीपेमेंट पेनल्टी लगा सकते हैं। हालांकि, आरबीआई के नियमों के अनुसार फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन पर यह पेनल्टी नहीं लगती। फिक्स्ड रेट लोन में यह शुल्क प्रीपेमेंट राशि का लगभग 2% तक हो सकता है।

प्री-ईएमआई चार्ज

लोन मिलने और घर की पजेशन मिलने के बीच के समय में जो ब्याज दिया जाता है, उसे प्री-ईएमआई कहा जाता है। इस दौरान ग्राहक को सिर्फ ब्याज का भुगतान करना होता है और नियमित ईएमआई पजेशन मिलने के बाद शुरू होती है।

इंश्योरेंस प्रीमियम

कई बैंक प्रॉपर्टी डैमेज या उधारकर्ता के जीवन से जुड़ी जोखिमों को कवर करने के लिए इंश्योरेंस लेने की सलाह देते हैं। इससे किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार पर लोन का बोझ नहीं पड़ता। आमतौर पर इसके लिए सिंगल प्रीमियम पॉलिसी ली जाती है।

Published on:
04 Mar 2026 02:43 pm