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क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऐप्स संभल कर करें डाउनलोड, चुरा सकते हैं आपका पैसा

युवाओं में क्रिप्टोकरेंसी के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए कुछ ऐसे फेक क्रिप्टोकरेंसी ऐप्स आ गए हैं जिन्हें इंस्टॉल करना आपके लिए आर्थिक हानि का कारण बन सकता है।

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Jul 12, 2021
SS superb verdict on cryptocurrency, bitcoin will be transacted

नई दिल्ली। गूगल एंड्रॉयड और एप्पल स्टोर दोनों पर ही किसी भी ऐप को बहुत ही कड़ी निगरानी के बाद इंस्टॉल करने के लिए अप्रुवल दी जाती है और वहीं से उन ऐप्स को इंस्टॉल किया जा सकता है। परन्तु इन दिनों कुछ ऐसे फेक ऐप्स आ गए हैं जो इन बड़ी टेक कंपनियों की आंखों में धूल झोंककर ऐप स्टोर में अपनी जगह बना लेते हैं। युवाओं में क्रिप्टोकरेंसी के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए कुछ ऐसे फेक क्रिप्टोकरेंसी ऐप्स आ गए हैं जिन्हें इंस्टॉल करना आपके लिए आर्थिक हानि का कारण बन सकता है।

देश में कानूनी मान्यता नहीं मिलने के बावजूद भी पिछले कुछ समय में क्रिप्टोकरेंसी में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। वर्तमान में इसके लिए कोई रेग्यूलेटर भी नहीं है ऐसे में फेक ऐप्स और वास्तविक ऐप्स के बीच अंतर मालूम करना और भी अधिक कठिन हो जाता है। इस स्थिति का फायदा फेक ऐप्स के जरिए उठाया जा रहा है और उन ऐप्स के जरिए आपके बैंक अकाउंट की डिटेल्स लेकर धोखाधड़ी की जा रही है।

सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार वर्तमान में ऐसे ऐप्स की संख्या 150 से भी अधिक है जो क्रिप्टो ट्रेडिंग की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। इन ऐप्स में से कुछ ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध हैं, जिन्हें गूगल ने शिकायत मिलने के बाद प्ले स्टोर से हटा दिया था।

किस तरह लूटते हैं यूजर को
ऐसे फेक ऐप्स यूजर को यह विश्वास दिलाते हैं कि उनके जरिए आप क्रिप्टो माइनिंग कर सकते हैं। ये यूजर्स से बाकायदा 10 डॉलर से लेकर 250 डॉलर तक की फीस भी लेते हैं। पेमेंट भी ऑनलाइन लिया जाता है ताकि किसी प्रकार का कोई संदेह न रहें। इनमें किसी भी तरह की टर्म्स एंड कंडीशन नहीं लिखी होती, न ही कोई कॉन्टेक्ट नम्बर होते हैं जिसके जरिए आप अपनी शिकायत उन तक पहुंचा सके।

गूगल और ऐप्पल को इस तरह देते हैं धोखा
दोनों ही बड़ी कंपनियों ने एक गाइडलाइन बनाई हुई है। इस गाइडलाइन का पालन करने वाले ऐप्स को प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर में जगह दी जाती हैं। फेक ऐप्स टेक कंपनियों की पॉलिसी गाइडलाइन को फॉलो करते हैं और प्रत्यक्ष रूप से किसी भी प्वाइंट का उल्लंघन नहीं करते परन्तु एक बार मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद ये यूजर की डिटेल्स चुराना और गाइडलाइन का उल्लंघन शुरू कर देते हैं। ऐसे में कंपनियां इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेती परन्तु यदि इन ऐप्स की शिकायत की जाए और वह सही पाई जाए तो इन्हें हटाया भी जा सकता है।

कैसे बचाएं खुद को
सबसे बड़ी बात, कभी भी थर्ड पार्टी से कोई भी ऐप डाउनलोड न करें। यदि आप किसी ऐप को डाउनलोड करना ही चाहते हैं तो गूगल के प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से ही डाउनलोड करें अथवा किसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर करें अन्यथा आप को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Published on:
12 Jul 2021 07:56 am
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