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18,000 रुपये से सैलरी सीधे 69,000? सरकार के इस एक फैसले से झूम उठेंगे करोड़ों कर्मचारी, जानिए नया गुणा-गणित!

Salary Hike: आठवें वेतन आयोग की बैठक में बेसिक सैलरी के अलावा सालाना 6% इंक्रीमेंट, भत्तों में उछाल और पुरानी पेंशन बहाली जैसे बड़े प्रस्ताव भी सौंपे गए हैं, जिनसे करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा।

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भारत

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MI Zahir

May 01, 2026

8th Pay Commission

File Photo: Patrika

8th Pay Commission News: देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली में चली संयुक्त परामर्श तंत्र की राष्ट्रीय परिषद की अहम बैठक में 8वें वेतन आयोग के गठन और नई सैलरी संरचना को लेकर सरकार के सामने मांगों का पिटारा खोल दिया गया है।

सैलरी में सीधे 3.83 गुना बढ़ोतरी की मांग

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने सबसे बड़ी मांग न्यूनतम वेतन को लेकर रखी है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, जिसे बढ़ा कर 69,000 करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके लिए 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की पैरवी की जा रही है। अगर सरकार इस फॉर्मूले को मान लेती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में अब तक का सबसे बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।

सालाना इंक्रीमेंट और भत्तों पर भी बड़ा प्रस्ताव

एनसीजेसीएम के सचिव शिव गोपाल मिश्रा के नेतृत्व में हुई इस चर्चा में केवल बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि भत्तों और प्रमोशन पर भी जोर दिया गया है। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

सालाना वेतन वृद्धि: वर्तमान 3% के बजाय 6% वार्षिक इंक्रीमेंट की मांग।

एचआरए में उछाल: X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए हाउस रेंट अलाउंस को क्रमशः 40%, 35% और 30% करने का सुझाव।

पेंशन में सुधार: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और पेंशन को अंतिम वेतन के 67% तक सुनिश्चित करने की मांग।

प्रमोशन : 30 साल की सेवा के दौरान कम से कम 5 सुनिश्चित प्रमोशन देने का प्रस्ताव।

क्या है कैलकुलेशन का आधार ?

कर्मचारी संगठनों ने 69,000 रुपये की न्यूनतम सैलरी का आधार 5 यूनिट के परिवार और महंगाई के वर्तमान सूचकांक को बनाया है। उनका तर्क है कि खान-पान, स्वास्थ्य और शिक्षा के बढ़ते खर्चों को देखते हुए 3.83 का फिटमेंट फैक्टर पूरी तरह जायज है। कर्मचारियों में इस खबर को लेकर भारी उत्साह है, हालांकि सरकार की ओर से अंतिम मुहर लगना बाकी है।

न्यूनतम वेतन 52,000 रुपये के आसपास पहुंचने की उम्मीद

बहरहाल,क्या वित्त मंत्रालय इस भारी भरकम वित्तीय बोझ को उठाने के लिए तैयार होगा? अगले महीने होने वाली कैबिनेट बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं। जानकारों का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 3.83 के बजाय 2.8 से 3 के बीच रह सकता है, जिससे न्यूनतम वेतन 52,000 रुपये के आसपास पहुंचने की उम्मीद है।