ICICI बैंक का Q4FY26 का मुनाफा 13,701 करोड़ रुपये रहा है। सालाना 8.5% और तिमाही आधार पर 21% की बढ़त। पूरे साल का मुनाफा 50,147 करोड़ पार रहा है।
ICICI बैंक के मुनाफे ने इस बार सबको चौंका दिया है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 13,701 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 12,629 करोड़ था, यानी सालाना आधार पर 8.5 फीसदी की बढ़ोतरी। लेकिन असली कमाल देखना हो तो पिछली तिमाही से तुलना करें, तीन महीने में मुनाफा पूरे 21 फीसदी उछला है।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो बैंक ने 50,147 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल के 47,227 करोड़ से 6.2 फीसदी ज़्यादा है। यानी 50 हजार करोड़ का आंकड़ा पार, और वो भी उस दौर में जब कई बैंक कर्ज की वसूली और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं।
ICICI बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII 22,979 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल से 8.4 फीसदी ज्यादा है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.32 फीसदी पर टिका रहा। कोर ऑपरेटिंग मुनाफा 18,305 करोड़ रहा। हालांकि खर्च भी बढ़े हैं। ऑपरेटिंग खर्च सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 12,089 करोड़ हो गया। लेकिन प्रोविजन यानी डूबत कर्ज के लिए रखी रकम घटकर महज 96 करोड़ रह गई जो पिछले साल 891 करोड़ थी। यह बताता है कि बैंक के कर्ज की गुणवत्ता बेहतर हुई है।
बैंक का ग्रॉस NPA अनुपात मार्च 2025 के 1.67 फीसदी से घटकर मार्च 2026 में 1.40 फीसदी पर आ गया। नेट NPA भी 0.39 से घटकर 0.33 फीसदी हुआ। यह निवेशकों के लिए अच्छी खबर है।
बैंक का कुल कर्ज पोर्टफोलियो 15,53,893 करोड़ रुपये पहुंच गया, सालाना 15.8 फीसदी की बढ़त। बिजनेस बैंकिंग में 24.4 फीसदी और ग्रामीण कर्ज में 25.6 फीसदी की बढ़ोतरी खासतौर पर उल्लेखनीय है। जमा राशि भी 17,94,625 करोड़ रुपये हो गई, सालाना 11.4 फीसदी की बढ़त। बैंक ने इस साल 528 नई शाखाएं खोलीं और अब देशभर में 7,511 ब्रांच और 12,087 ATM हैं।
बोर्ड ने प्रति शेयर 12 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया है। साथ ही घरेलू बाजार में 25,000 करोड़ रुपये और विदेशी बाजार में 1.5 अरब डॉलर तक के बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी है। ग्रुप चीफ रिस्क ऑफिसर जी. श्रीनिवास का कार्यकाल जुलाई 2028 तक बढ़ा दिया गया है। कुल मिलाकर ICICI बैंक के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं, बल्कि कहीं-कहीं उम्मीद से बेहतर रहे।