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India-EU Trade Deal: ईयू के साथ FTA लेकर आएगा ऑटोमाबाइल सेक्टर के लिए बड़ा मौका, 50 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है ट्रेड सरप्लस

India-EU Trade Deal: ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर को भारत-ईयू ट्रेड डील से बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इस समझौते से भारतीय सप्लायर्स यूरोपीय सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकेंगे।

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Jan 27, 2026
भारत-ईयू एफटीए से ऑटोमोबाइल सेक्टर को काफी फायदा होगा। (PC: AI)

भारत-यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच आज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बड़ी घोषणा हो सकती है। इस समझौते से भारत का ट्रेड सरप्लस तेजी से बढ़ सकता है। एमके ग्लोबल की रिपोर्ट के मुताबिक, एफटीए लागू होने पर भारत का ईयू के साथ ट्रेड सरप्लस वित्त वर्ष 2030- 31 तक 50 अरब डॉलर तक बढ़ सकता हैं, जो अभी 15 अरब डॉलर है। इससे भारत के कुल एक्सपोर्ट में यूरोप की हिस्सेदारी बढ़कर 23% तक पहुंच सकती है। फिलहाल यह हिस्सेदारी 17% के आसपास है।

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भारतीय उद्योगों को मिलेगा बड़ा बाजार

यह बढ़ोतरी भारत के लिए विदेशी मुद्रा आय बढ़ाने में मददगार होगी। ट्रेड बैलेंस को भी मजबूत बनाएगी। इससे भारतीय उद्योगों को बड़ा बाजार मिलेगा। रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग को भी मजबूती मिलेगी। इस डील से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मशीनरी और केमिकल जैसे हाई वैल्यू सेक्टर्स को फायदा होगा। अभी भारत का निर्यात लेबर आधारित उत्पादों पर निर्भर रहा है।

ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए बड़ा अवसर

यह एफटीए देश के ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए बड़ा अवसर है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते से न सिर्फ निर्यात बढ़ेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, निवेश और वैश्विक साझेदारियों को भी मजबूती मिलेगी। फिलहाल यूरोप भारत के ऑटो कंपोनेंट्स के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बनकर उभर रहा है और उसने अमरीका को पीछे छोड़ दिया है। ऐसे में यह व्यापार समझौता लागू होने पर भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।

खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), ऑटो पार्ट्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी तकनीकों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत टैरिफ में कटौती की जाएगी। इससे भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप में अपने उत्पाद सस्ते होंगे। साथ ही यूरोप से आने वाली आधुनिक मशीनरी और टेक्नोलॉजी की लागत भी घटेगी, जिससे भारत में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हो सकेंगी।

भारतीय कंपनियों को होगा फायदा

इस समझौते से भारतीय सप्लायर्स यूरोपीय सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकेंगे। इससे छोटे-मझोले ऑटो पार्ट्स निर्माताओं को भी नए ऑर्डर मिलने की संभावना है। भारतीय कंपनियां भी इसका फायदा उठाने की तैयारी में हैं। मारुति सुजुकी ई- विटारा को यूरोप में लॉन्च करने की योजना बना रही हैं रॉयल एनफील्ड हीरो मोटोकॉर्प जैसे ब्रांड यूरोप में अपने वाहनों की मौजूदगी बढ़ा रहे।

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Published on:
27 Jan 2026 10:14 am
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