
Sugar Stock Limit For 15 Days: देश में चीनी की रिकॉर्ड कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, जो डीलर हर महीने 10 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, वे अब 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। सरकार का नया आदेश 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने पिछले महीने ही डीलरों के लिए चीनी का अधिकतम स्टॉक 30 दिन तक सीमित किया था। लेकिन इसके बावजूद कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली। अब सरकार ने इस सीमा को और घटाकर 15 दिन कर दिया है। इसका मकसद बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर लगाम लगाना है।
पिछले एक महीने में भारत में चीनी की कीमतें करीब 10 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। मंगलवार को ऑल-इंडिया औसत एक्स-मिल चीनी कीमत 5,400 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि एक साल पहले यह करीब 3,900 रुपये थी। वहीं, 18 अगस्त को औसत खुदरा कीमत सालाना आधार पर 13 फीसदी बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलो पहुंच गई।
भारत में अगस्त से नवंबर के बीच चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। इस दौरान गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आते हैं। घरों के अलावा बिस्किट और कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियां भी त्योहारों से पहले ज्यादा चीनी खरीदकर स्टॉक करती हैं। इंडस्ट्री के अनुमानों के अनुसार, शुरुआती स्टॉक 40 से 42 लाख टन रह सकता है, जबकि कुछ रिसर्चर्स ने इसे 32 से 35 लाख टन तक रहने का अनुमान लगाया है। दोनों अनुमान घरेलू जरूरत के करीब 50 लाख टन से कम हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक, कई इलाकों में असमान बारिश और सूखे जैसे मौसम ने गन्ने की फसल को प्रभावित किया है। इससे आने वाले सीजन में चीनी की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। सरकार अब कीमतों को नियंत्रित करने और घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रही है।