
Luxury Cars Import Duty Cut: अगर आप Rolls-Royce, Aston Martin, McLaren या Range Rover जैसी लग्जरी कारें खरीदने की सोच रहे हैं, तो कुछ दिन इंतजार करना फायदे का सौदा हो सकता है। 15 जुलाई से भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (India UK FTA) लागू होने जा रहा है। इसके बाद ब्रिटेन से पूरी तरह तैयार होकर भारत आने वाली कई लग्जरी कारों की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। यानी यह एफटीए लागू होने से लग्जरी कारें खरीदने वालों के करोड़ों रुपये बच जाएंगे।
सबसे बड़ा बदलाव कस्टम ड्यूटी में होगा। अभी इन कारों पर 110 फीसदी आयात शुल्क लगता है, लेकिन 15 जुलाई से यह घटकर 30 फीसदी रह जाएगा। हालांकि, यह छूट पहले साल ब्रिटेन से भारत आने वाली 20,000 पूरी तरह आयातित कारों के तय कोटे पर ही लागू होगी।
ऑटो सेक्टर के जानकारों का कहना है कि आयात शुल्क कम होने का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। अनुमान है कि अलग-अलग मॉडल के हिसाब से कारों की कीमत 20 से 25 फीसदी तक घट सकती है। इसका मतलब है कि खरीदारों को 1 करोड़ से 3 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतें कम होने के बाद भारत में अल्ट्रा लग्जरी कारों की बिक्री आने वाले समय में दोगुनी तक हो सकती है।
| कार मॉडल | मौजूदा कीमत | ड्यूटी कट के बाद अनुमानित कीमत | कीमत में अंतर |
|---|---|---|---|
| McLaren 750S | ₹7.95 करोड़ | ₹4.95 करोड़ | ₹3.00 करोड़ |
| McLaren GT | ₹6.15 करोड़ | ₹3.83 करोड़ | ₹2.32 करोड़ |
| McLaren 750S Spider | ₹8.78 करोड़ | ₹5.46 करोड़ | ₹3.32 करोड़ |
| Range Rover SV | ₹4.25 करोड़ | ₹3.50 करोड़ | ₹0.75 करोड़ |
| Range Rover Sport SV | ₹2.75 करोड़ | ₹2.35 करोड़ | ₹0.40 करोड़ |
भारत में Rolls-Royce और Aston Martin की डीलरशिप संभालने वाली कंपनी Select Cars के सीईओ यदुर कपूर का कहना है कि पूरी तरह आयात होने वाली कारों की कीमतों में बड़ा बदलाव होगा। हालांकि, कंपनियों ने अभी नई कीमतों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन ग्राहकों की पूछताछ तेजी से बढ़ रही है। उनका मानना है कि आने वाले महीनों में इस सेगमेंट की बिक्री में अच्छी तेजी देखने को मिलेगी।
ब्रिटेन की Jaguar Land Rover (JLR) ने हाल ही में आयात होने वाले Range Rover Sport SV और Range Rover SV की कीमतों में कटौती की थी। कंपनी को उम्मीद है कि भारत में उसकी कुल बिक्री में आयातित कारों की हिस्सेदारी जल्द बढ़कर 7 से 10 फीसदी तक पहुंच सकती है। अभी JLR इंडिया की कुल बिक्री में पूरी तरह आयातित कारों का हिस्सा करीब 3 से 4 फीसदी है। लेकिन आयात शुल्क घटने से इन कारों की कीमतें पहले के मुकाबले ज्यादा आकर्षक हो जाएंगी।