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Hormuz Strait crisis: होर्मुज के संकरे गलियारे में पहुंचे ठग, बेबस और लाचार जहाजों को लूटने के लिये यूं बिछा रहे जाल

Hormuz Strait Scam: होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को ठगने के लिए क्रिप्टोकरेंसी में फीस मांगने वाले फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं। जंग और तनाव के बीच यह ठगी शिपिंग कंपनियों के लिए नया खतरा बन गई है।
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Updated: 21 Apr 2026, 3:38 PM IST
Hormuz Strait Scam
होर्मुज स्ट्रेट में भी ठगी हो रही है। (PC: AI)

Hormuz Strait Scam: मिडिल ईस्ट में जंग का असर अब सिर्फ तेल और व्यापार तक सीमित नहीं रहा। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब फंसे हुए जहाजों को ठगने की कोशिश भी शुरू हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट के पास खड़े जहाजों को ऐसे मैसेज मिल रहे हैं, जिनमें सुरक्षित रास्ता देने के बदले क्रिप्टोकरेंसी मांगी जा रही है। ग्रीस की समुद्री जोखिम प्रबंधन कंपनी MARISKS ने इसे लेकर साफ चेतावनी दी है। कंपनी का कहना है कि ये मैसेज पूरी तरह फर्जी हैं और इनका ईरान की सरकार से कोई लेना-देना नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर दबाव बना रखा है। दूसरी तरफ ईरान भी होर्मुज स्ट्रेट पर कभी ढील दे रहा है तो कभी सख्ती बढ़ा रहा है। यही वो रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 20% तेल और एक तिहाई गैस गुजरती थी। अब हालात ये हैं कि सैकड़ों जहाज खाड़ी में फंसे हुए हैं। करीब 20 हजार नाविक इंतजार में बैठे हैं कि कब रास्ता खुले और वे आगे बढ़ सकें। इसी अफरा-तफरी में ठगों ने मौका देख लिया।

कैसे हो रही है ठगी?

MARISKS के मुताबिक कुछ शिपिंग कंपनियों को मैसेज भेजे गए हैं। इन मैसेज में खुद को ईरानी अधिकारी बताकर कहा गया कि अगर जहाज को सुरक्षित निकालना है, तो पहले फीस देनी होगी। ये फीस किसी बैंक या आधिकारिक चैनल से नहीं, बल्कि Bitcoin या Tether (USDT) में मांगी जा रही है। मैसेज में लिखा गया कि पहले दस्तावेज भेजो, फिर आपकी जांच होगी और उसके बाद क्रिप्टो में भुगतान तय किया जाएगा। तभी जहाज को तय समय पर सुरक्षित निकलने दिया जाएगा। यह सीधा-सीधा फंसाने का जाल है। MARISKS का मानना है कि जो जहाज इस तरह की घटनाओं में फंसे, उनमें से कम से कम एक इस ठगी का शिकार हुआ हो सकता है।

गोलीबारी और डर का माहौल

18 अप्रैल को जब ईरान ने थोड़ी देर के लिए रास्ता खोला था, तब कुछ जहाज निकलने की कोशिश में लगे थे। लेकिन हालात इतने तनावपूर्ण थे कि कम से कम दो जहाजों पर गोलीबारी की खबर आई। इससे डरे हुए जहाजों को वापस लौटना पड़ा।

डर का फायदा उठा रहे ठग

यह सिर्फ एक साइबर ठगी नहीं है। यह उस डर और अनिश्चितता का फायदा उठाने की कोशिश है, जो इस समय पूरे क्षेत्र में फैली हुई है। जहाज फंसे हैं, रास्ता बंद है, गोलीबारी का खतरा है। ऐसे में अगर कोई “सुरक्षित रास्ता” देने का वादा करे, तो कई लोग फंस सकते हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी दे रहे हैं- मुश्किल वक्त में शॉर्टकट अक्सर महंगा पड़ता है।इस पूरे मामले पर अभी तक ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

Updated on:
21 Apr 2026, 3:38 PM IST
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