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LPG Cylinder Price: अचानक एलपीजी को लेकर क्यों मचा है घमासान, क्या आगे है बड़ा संकट? जानिए आपके शहर में गैस सिलेंडर की कीमतें

LPG Cylinder Price: सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रखने का नियम लागू कर दिया है।

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Mar 11, 2026
देश में एलपीजी सिलेंडर की अस्थाई कमी दिख रही है। (PC: AI)

LPG Cylinder Price: अमेरिका/इजराइल के ईरान के साथ युद्ध और ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने से दुनियाभर में तेल और गैस का संकट पैदा हो गया है। दुनियाभर में बिकने वाले तेल-गैस का 20% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही गुजरता है। ऐसे में सप्लाई संकट पैदा हो गया है। भारत में भी कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की अस्थायी कमी देखने को मिली है। सप्लाई से जुड़ी चिंताओं और डिमाड में तेज इजाफे के चलते देश के कुछ हिस्सों में डिस्ट्रीब्यूशन प्रभावित हुआ है। सप्लाई पर दबाव के पीछे वजह सीजनल डिमांड में इजाफा, लॉजिस्टिक बाधाएं और ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के कारण बढ़ी वैश्विक ऊर्जा कीमतें हैं।

हाल ही में सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल दोनों एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इजाफा किया है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 144 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। संशोधित कीमतें 7 मार्च 2026 से लागू हो गई हैं।

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घरेलू एलपीजी सिलेंडर की क्या हैं कीमतें?

  • दिल्ली: 913 रुपये
  • मुंबई: 912.50 रुपये
  • कोलकाता: 939 रुपये
  • चेन्नई: 928.50 रुपये
  • बेंगलुरु: 915.50 रुपये
  • जयपुर: 916.50 रुपये
  • नोएडा: 910.50 रुपये
  • गुरुग्राम: 921.50 रुपये
  • हैदराबाद: 965 रुपये
  • लखनऊ: 950.50 रुपये
  • पटना: 1,002.50 रुपये
  • तिरुवनंतपुरम: 922 रुपये
  • भुवनेश्वर: 939 रुपये

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें

  • नई दिल्ली: 1,884.50 रुपये
  • मुंबई: 1,836 रुपये
  • कोलकाता: 1,988.50 रुपये
  • चेन्नई: 2,043.50 रुपये
  • हैदराबाद: 2,105.50 रुपये
  • पटना: 2,133.50 रुपये

बिहार में सबसे अधिक भाव

बिहार में घरेलू एलपीजी की कीमत करीब 1,002.50 रुपये के साथ सबसे अधिक में से एक है। वहीं, परिवहन लागत अधिक होने के कारण उत्तर-पूर्वी राज्यों में कीमतें और भी ज्यादा हैं। इसके विपरीत महाराष्ट्र (912.50 रुपये) और दिल्ली (913 रुपये) अपेक्षाकृत सस्ते बाजारों में शामिल हैं।

क्यों हो रही एलपीजी सिलेंडर की शॉर्टेज?

कई क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में देरी की खबरें आ रही हैं, क्योंकि वितरक बढ़ती मांग को पूरा करने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:

वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ता है।

लॉजिस्टिक और परिवहन बाधाएं: कुछ क्षेत्रों में परिवहन और वितरण से जुड़ी समस्याओं के कारण सप्लाई धीमी हो गई है, जिससे वितरक स्तर पर अस्थायी कमी देखने को मिल रही है।

घरेलू डिमांड में वृद्धि: भारत दुनिया के सबसे बड़े एलपीजी उपभोक्ताओं में से एक है। अभी शादियों का मौसम चल रहा है। इससे सीजनल डिमांड में तेजी आई है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कमी अस्थायी है और अतिरिक्त आयात तथा बेहतर डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए सप्लाई को स्टेबल किया जा रहा है।

उद्योग संगठनों का क्या कहना है?

रेस्टोरेंट संगठनों और एलपीजी वितरकों के अनुसार कमी का असर मुख्य रूप से कमर्शियल सिलेंडरों पर पड़ रहा है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से खाद्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके गुप्ता ने कहा कि अधिकांश प्रतिष्ठानों को कमर्शियल सिलेंडर जारी नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर कल से कमर्शियल सिलेंडर जारी नहीं किए गए हैं। जमाखोरी रोकने के लिए अगली बुकिंग 25 दिन के अंतराल के बाद ही की जा सकेगी।” हालांकि, वितरक संगठनों का कहना है कि सप्लाई सामान्य रूप से जारी है।

ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष पीएन सेठ ने कहा कि घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडरों की आपूर्ति जारी है और स्थिति को संभाला जा रहा है। फेडरेशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने बताया कि सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दे रही हैं, जबकि अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं को कमर्शियल गैस दी जा रही है।

सरकार क्या कर रही है?

  • पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच एलपीजी सप्लाई को स्थिर रखने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है, जिससे उत्पादन, भंडारण और वितरण पर नजर रखी जा सके और जमाखोरी रोकी जा सके। होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग जोखिमों के कारण ईंधन संसाधनों की प्राथमिकताओं के पुनर्निर्धारण का आदेश भी दिया गया है। रिफाइनरियों को घरेलू उपभोग के लिए एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया है।
  • नई व्यवस्था के तहत घरेलू गैस सप्लाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पाइप्ड गैस, सीएनजी और आवश्यक पाइपलाइन संचालन को लगभग 100% सप्लाई दी जाएगी। उर्वरक संयंत्रों को 70% आवंटन होगा। वहीं, अन्य उद्योगों और चाय उद्योग को लगभग 80% सप्लाई होगी।
  • सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रहने का नियम भी लागू किया है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके।
  • हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की चिंताओं को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति बनाई है, जो होटल और रेस्टोरेंट संगठनों की मांगों की समीक्षा करेगी।
  • सूत्रों के अनुसार जल्द ही एलपीजी और एलएनजी की नई खेप भारत पहुंचने वाली है और देश की रिफाइनिंग क्षमता पूरी तरह सक्रिय है।
  • एक अधिकारी ने कहा, 'पहले हम संकट में थे, लेकिन अब पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर कोई बड़ा संकट नहीं है। भारतीय रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने 70% कच्चे तेल की आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के स्रोतों से ले रहा है, जिससे स्थिति से निपटने में मदद मिल रही है।

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Updated on:
11 Mar 2026 11:34 am
Published on:
11 Mar 2026 11:32 am
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