EPF accounts: कर्मचारी अपनी नौकरी बदलने के ईपीएफ एक सरकारी बचत योजना है, जिसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
जीवन में अक्सर ऐसा होता है कि आपको कई बार अपनी नौकरी बदलनी पड़ती है। ऐसे में आपके पास कई ईपीएफ आकाउंट हो जाते है। हालांकि एक कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) उसके पूरे करियर में एक ही होता है। लेकिन कई बार कंपनियां पुराने खाते के साथ मर्ज करने के बजाए एक नया खाता बना देती है।
नया खाता पुराने खाते के साथ अपने आप मर्ज नहीं होता। इसलिए बार-बार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से अनुरोध करना पड़ता है। अपने अलग-अलग पेंशन खातों को एक साथ मर्ज करने का फायदा यह होता है कि इससे आपकी सेवानिवृत्ति बचत एक ही जगह सुरक्षित हो जाती है। इसके साथ ही विड्रा में देरी या कंपनियों के योगदान को ट्रेक करने में होने वाली कठिनाईयों से बचा जा सकता है।
ईपीएफ एक सरकारी बचत योजना है, जिसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा नियंत्रित की जाती है। इस योजना के तहत, कर्मचारी और कंपनी दोनों मिलकर कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 12 फीसदी ईपीएफ में योगदान करते हैं।
कई लोग यह नहीं जानते की यूनिवर्सल अकाउंट नंबर क्या है? दरअसल, यूएएन 12 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जिसे ईपीएफओ जारी करता है। यह कर्मचारी के सभी पीएफ खातों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का काम करता है।
अब पीएफ अकाउंट को मर्ज करने की प्रक्रिया आसान हो गई है क्योंकि ईपीएफओ अपने सदस्यों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अकाउंट ट्रांसफर करने की सुविधा दी है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सदस्य का यूएएन चालू हो और आधार से जुड़ा हो।
अभी तक यूपीआई से ईपीएफ निकालने की सुविधा नहीं मिली है लेकिन यह जल्द ही यह सुविधा शुरू हो सकती है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय श्रम मंत्रालय कथित तौर पर एक ऐसी व्यवस्था शुरू कर रहा है, जिससे ईपीएफ सदस्य यूपीआई का उपयोग करके सीधे अपनी धनराशि निकाल सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना को अप्रैल 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को अपनी जमा राशि तक तेजी से पहुंच उपलब्ध कराना, निकासी की प्रक्रिया को सरल बनाना है।