New Income Tax Bill: केंद्र सरकार 1961 के आयकर अधिनियम को बदलने के लिए नए आयकर विधेयक को मंजूरी देने की तैयारी में है, जो सरल और स्पष्ट बनाने के उद्देश्य से लाया जाएगा।
New Income Tax Bill: केंद्र सरकार 1961 के आयकर अधिनियम को बदलने के लिए एक नए आयकर विधेयक (New Income Tax Bill) को मंजूरी देने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नया प्रत्यक्ष कर संहिता (Direct Tax Code) कैबिनेट बैठक में 7 फरवरी को मंजूरी पा सकता है और 10 फरवरी को संसद में पेश किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में नए आयकर विधेयक (New Income Tax Bill) को स्वीकृति दे सकती है। इसके बाद इसे 10 फरवरी को लोकसभा में पेश किया जाएगा। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह कैबिनेट बैठक शुक्रवार शाम को होगी, जिसमें नए आयकर कानून पर चर्चा की जाएगी। समाचार एजेंसी एएनआई की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, इस विधेयक (New Income Tax Bill) को पहले 8 फरवरी को संसद में पेश किए जाने की संभावना थी, लेकिन अब इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2025 पेश करते समय इस विधेयक की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि नया आयकर कानून 1961 के पुराने आयकर अधिनियम (New Income Tax Bill) की जगह लेगा और इसे सरल व स्पष्ट बनाया जाएगा। सीतारमण ने कहा, नया आयकर विधेयक (New Income Tax Bill) मौजूदा आयकर अधिनियम से आधे आकार का होगा और इसे स्पष्ट व सीधा बनाया जाएगा। इससे करदाता कर नियमों को आसानी से समझ सकेंगे और अनुपालन भी सरल होगा। नई कर संहिता से करदाताओं और व्यवसायों के लिए कर अनुपालन (Tax Compliance) को आसान बनाने की उम्मीद है। इसके अलावा, सरकार का उद्देश्य कर मामलों में कानूनी विवादों को भी कम करना है।
बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो चुका है और इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। दूसरा चरण 10 मार्च से 4 अप्रैल तक होगा। माना जा रहा है कि सरकार पहले चरण में ही इस विधेयक (New Income Tax Bill) को पेश करना चाहती है ताकि इसे बजट सत्र के दौरान पारित किया जा सके।
केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और करदाताओं के अनुकूल बनाने के प्रयास किए हैं। इस नए आयकर विधेयक के तहत 'विश्वास पहले, जांच बाद में' (Trust First, Scrutinise Later) की नीति को बढ़ावा दिया जाएगा। नई कर संहिता के लागू होने से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि करदाताओं को पहले से अधिक स्पष्टता मिलेगी, जिससे उन्हें कर नियमों को समझने और अनुपालन में आसानी होगी। सरकार का मानना है कि इससे कर चोरी के मामलों में कमी आएगी और कर संग्रहण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम कर प्रणाली में पारदर्शिता और करदाताओं के लिए आसानी सुनिश्चित करेगा। नए कर संहिता से करदाताओं को कर नियमों को समझने में आसानी होगी और विवाद कम होंगे। इससे सरकार को कर संग्रह में भी सुधार देखने को मिलेगा। उद्योग जगत भी इस फैसले का स्वागत कर रहा है। सीआईआई (CII) के निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, सरल कर संहिता से न केवल कर अनुपालन बेहतर होगा, बल्कि इससे कारोबारियों को भी राहत मिलेगी।