
नई दिल्ली। जापानी कार निर्माता कंपनी निसान मोटर की भारतीय इकाई निसान मोटर इंडिया ने गुरुवार को भारत में आयोजित विश्व प्रीमियर के दौरान नई निसान टेकटॉन बाजार में पेश की। इस साल भारत में पेश किया गया यह निसान का दूसरा नया मॉडल है। यह दो इंजन विकल्पों टर्बो टी160 औ टर्बो टी280 में उपलब्ध है। टी160 की शुरुआती कीमत 10.49 लाख रुपए और टी280 की शुरुआती कीमत 14.99 लाख रुपए रखी गई है।
कंपनी के अनुसार, यह अपने सेगमेंट की पहली एसयूवी है, जिसमें पूरी रेंज में केवल टर्बोचार्ज्ड इंजन दिए गए हैं। टेकटॉन का निर्माण चेन्नई स्थित निसान प्लांट में किया जाएगा। इसे 'एक कार, एक दुनिया' प्लान के तहत विकसित किया गया है और भारत के अलावा मध्य पूर्व, अफ्रीका तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी निर्यात किया जाएगा। निसान मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक सौरभ वत्स ने कहा कि टेकटॉन भारतीय ग्राहकों को प्रीमियम डिजाइन, अत्याधुनिक तकनीक, शानदार प्रदर्शन और रोजमर्रा की उपयोगिता प्रदान करेगी।
टी160 का माइलेज 19.4 किलोमीटर प्रति लीटर और टी280 का 18.5 किलोमीटर प्रति लीटर है। टर्बो टी280 में 163 पीएस का पावर और 280 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। सभी मॉडल में सुरक्षा के लिए छह एयरबैग और 40 से अधिक सुरक्षा फीचर हैं। इनमें 360 डिग्री कैमरा और 3डी अराउंड व्यू मॉनिटर भी हैं। इसका डिजाइन निसान पेट्रोल से प्रेरित है। इसमें एलईडी कनेक्टेड हेडलैंप और एलईडी टेललैंप है। इसकी बॉडी एयरोडायनामिक है। कनेक्टिविटी के लिए बिल्ट-इन गूगल मैप, गूगल एसिस्टेंट और गूगल के 200 से अधिक ऐप उपलब्ध हैं। जमीन से इसका क्लीयरेंस 212 मिमी है। इसमें प्रीमियम लेदरेट सीट, सॉफ्ट-टच डैशबोर्ड, तीन टोन वाला इंटीरियर, डुअल डिजिटल स्क्रीन, पावर्ड एवं वेंटिलेटेड सीट और डबल डी-कट स्टीयरिंग व्हील जैसे फीचर है।
आपको बता दें कि निसान मोटर पिछले चार महीने से भारतीय बाजार में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। कंपनी की देश में बिक्री बढ़ने के साथ ही विदेशों में भेजे जाने वाले वाहनों की संख्या भी नए स्तर पर पहुंच गई है। जून 2026 में कंपनी की घरेलू बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 129 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। निसान मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मुताबिक, जून महीने में देश में 3,006 वाहन बेचे गए, जबकि 5,340 वाहन विदेश भेजे गए। इस तरह जून में कंपनी की कुल थोक बिक्री 8,346 वाहन रही, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 16 फीसदी ज्यादा है।