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एआई चिप कंपनियों पर मंडराया संकट, गैस की सप्लाई में दिक्कत बनी वजह, 22% तक गिरे शेयर

ईरान युद्ध के बीच तेल की तेजी ने सेमीकंडक्टर शेयरों में नई अस्थिरता पैदा कर दी है। इसके साथ ही एआइ की गति और लागत पर नए सवाल खड़े हुए हैं।
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Mar 11, 2026
oil price spike impact ai chip
एआइ शेयर में गिरावट। फोटो : एआइ

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद वैश्विक तेल बाजार में मचे उथल-पुथल ने सेमीकंडक्टर उद्योग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के विस्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एआइ चिप आपूर्ति की धुरी मानी जाने वाली कंपनियां टीएसएमसी, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हायनिक्स के शेयर युद्ध शुरू होने के बाद 9 फीसदी से 22 फीसदी तक लुढ़क चुके हैं।

मोर्निंग स्टार के इक्विटी विश्लेषक फेलिक्स ली ने मंगलवार को जारी अपने एक नोट में लिखा कि एआइ डेटा सेंटरों के लिए ऊर्जा लागत बढ़ने से एआइ इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। साथ ही, बढ़ती लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) कीमतें ताइवान और दक्षिण कोरिया स्थित चिप फैक्ट्रियों (फैब्स) पर लागत का बोझ बढ़ाएंगी।

तेल की कीमत से क्या है संबंध

एआइ डेटा सेंटर पारंपरिक सर्वर केंद्रों की तुलना में कहीं अधिक बिजली खपत करते हैं, क्योंकि इनमें शक्तिशाली जीपीयू और उन्नत कूलिंग सिस्टम लगे होते हैं। ऊर्जा कीमतें ऊंची बनी रहीं तो क्लाउड कंपनियां एआइ सर्वर तैनाती की गति धीमी कर सकती हैं, जिसका सीधा असर चिपमेकर कंपनियों की मांग पर पड़ेगा।

तेल अमेरिका की कुल ऊर्जा खपत का करीब 38 फीसदी हिस्सा है, और दुनिया के अधिकांश एआइ डेटा सेंटर अमेरिका में ही हैं। हालांकि तेल बिजली उत्पादन का प्राथमिक स्रोत नहीं है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें पूरे ऊर्जा बाजार को प्रभावित करती हैं।

एलएनजी हुई बाधित

ऊर्जा के अलावा कच्चे माल का संकट भी गहरा रहा है। कतर दुनिया की लगभग एक-तिहाई हीलियम आपूर्ति करता है। यह गैस सेमीकंडक्टर निर्माण में अनिवार्य है। एलएनजी उत्पादन ठप होने से हीलियम बाजार में कमी आ सकती है, जिससे चिप उत्पादन दर प्रभावित होगी और गंभीर स्थिति में चिप फैक्ट्रियों (फैब्स) का संचालन भी रुक सकता है।

दक्षिण कोरिया की 98 फीसदी ब्रोमीन आपूर्ति इजरायल से होती है। फिलहाल यह आपूर्ति स्थिर है, लेकिन युद्ध के और बिगड़ने पर मेमोरी चिप उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

यह रही है बाजार की स्थिति

फरवरी के अंत में हुए हमलों के बाद दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा शिपिंग मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित हो गया। बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 87 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI 83 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहे थे। कतर की सबसे बड़ी एलएनजी निर्यात सुविधा बंद होने से गैस की वैश्विक आपूर्ति भी तंग हो गई है।

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (ईआइए) के अनुसार अगले दो महीनों में ब्रेंट औसतन 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रह सकता है। इस साल अब तक तेल 40 फीसदी से अधिक महंगा हो चुका है। मोर्निंगस्टार के अनुमान के मुताबिक, ऊर्जा खर्च टीएसएमसी, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हायनिक्स 2025 के राजस्व का 3 से 6 फीसदी है। फेलिक्स ली ने चेताया है कि युद्ध लंबा खिंचा तो यह लागत और बढ़ेगी।

Updated on:
11 Mar 2026 02:04 pm
Published on:
11 Mar 2026 02:04 pm