
Ola Electric MoU With Axis Energy: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के शेयरों में आज बुधवार को भारी तेजी देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार में यह शेयर करीब 10 फीसदी चढ़ गया। निफ्टी 500 इंडेक्स के गेनर्स में यह टॉप पर बना हुआ दिखा। एनएसई पर सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर यह शेयर 10.19 फीसदी या 3.93 रुपये की बढ़त के साथ 42.50 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह ने बताया कि ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में आई इस तेजी की वजह रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर एक्सिस एनर्जी के साथ एक एमओयू है। इसके तहत दोनों कंपनियां साल 2032 तक 20 GWh तक के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) लगाने की संभावनाओं पर साथ काम करेंगी।
यह समझौता ओला इलेक्ट्रिक के नए ओला महाशक्ति प्लेटफॉर्म की पहली बड़ी कमर्शियल साझेदारी भी है। कंपनी इस प्लेटफॉर्म को 15 अगस्त को लॉन्च करने जा रही है। इसका इस्तेमाल बड़े उद्योगों, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और पावर डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े यूटिलिटी सेक्टर में होगा। ओला इलेक्ट्रिक का कहना है कि महाशक्ति को बाजार से अच्छी शुरुआती रिस्पांस मिल रहा है। एक्सिस एनर्जी के साथ हुई यह साझेदारी दिखाती है कि बड़े स्तर पर बैटरी स्टोरेज की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। कंपनी इसे आने वाले वर्षों में अपने बिजनेस का अहम ग्रोथ इंजन मान रही है।
एक्सिस एनर्जी इस समय देश के बड़े रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर्स में शामिल है। कंपनी आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 3,750 मेगावाट से ज्यादा क्षमता वाली परियोजनाओं के लिए ग्रिड मंजूरी हासिल कर चुकी है। इसके अलावा करीब 3,500 मेगावाट की अतिरिक्त परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। इन प्रोजेक्ट्स में FDRE, हाइब्रिड और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी मॉडल शामिल हैं। इन सभी में लगातार और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर बैटरी स्टोरेज सिस्टम की जरूरत पड़ेगी।
ओला इलेक्ट्रिक ने कहा कि भारत के क्लीन एनर्जी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर एनर्जी स्टोरेज जरूरी होगा। कंपनी ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अनुमान का हवाला देते हुए कहा कि 2032 तक देश को 400 GWh से अधिक एनर्जी स्टोरेज क्षमता की जरूरत होगी। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए Mahashakti प्लेटफॉर्म को भारत में ही डिजाइन और तैयार किया गया है। इसका उपयोग रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल पावर, ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।
एक्सिस एनर्जी वेंचर्स के चेयरमैन एवं एमडी रवि कुमार रेड्डी कटारू ने कहा कि कंपनी का रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में चौबीसों घंटे स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के लिए बैटरी स्टोरेज बेहद जरूरी होगा। उनके मुताबिक यह समझौता भविष्य की परियोजनाओं के लिए स्वदेशी बैटरी स्टोरेज तकनीक का आकलन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, ओला इलेक्ट्रिक के चेयरमैन एवं एमडी भाविश अग्रवाल ने कहा कि यह साझेदारी महाशक्ति प्लेटफॉर्म की कमर्शियल संभावनाओं को मजबूत करती है।
एनएसई की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक के शेयर ने 1 महीने में -6.50 फीसदी, इस साल अब तक 10.85 फीसदी और 1 साल में 1.76 फीसदी रिटर्न दिया है। इस शेयर का 52 वीक हाई 71.25 रुपये है, जो 4 सितंबर 2025 को दर्ज हुआ था। वहीं, 52 वीक लो 22.25 रुपये है, जो 16 मार्च 2026 को दर्ज हुआ था। कंपनी का मार्केट कैप 19,101.44 करोड़ रुपये है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)