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Gold Rate Outlook: इस हफ्ते सोने में आई तेजी, चांदी में 10,000 रुपये का उछाल, एक्सपर्ट से जानिए कौन-से फैक्टर्स डाल रहे कीमतों पर असर

Gold Price Today: यूएस फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने के बाद सोने में गिरावट आई थी। लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में कमी आते ही महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई और सोने में सपोर्ट देखने को मिला। कुल मिलाकर इस हफ्ते कीमतों में तेजी आई है।
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भारत

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Pawan Jayaswal

Sep 19, 2026

Gold Price Outlook

सोने की कीमतों में तेजी आई है। (PC: AI)

Gold Silver Price Today: सोने की कीमतों में इस हफ्ते तेजी दर्ज की गई है। घरेलू हाजिर और वायदा दोनों बाजारों में इस हफ्ते सोने में तेजी आई है। गुड रिटर्न्स के अनुसार, आज शनिवार, 19 सितंबर को सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,55,990 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दिखाई दिया। जबकि बीते शनिवार 12 सितंबर को 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,730 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। इस तरह इस हफ्ते सोने की कीमत में 1260 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज हुई है।

चांदी में 10,000 रुपये का उछाल

चांदी की हाजिर कीमतों में भी इस हफ्ते तेजी दर्ज हुई है। गुड रिटर्न्स के अनुसार, आज 19 सितंबर को दिल्ली में चांदी का हाजिर भाव सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करता दिखा। यह भाव बीते शनिवार 12 सितंबर को 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर था। इस तरह इस हफ्ते चांदी की कीमत में 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है।

कच्चे तेल में गिरावट से मिला सपोर्ट

सोने की कीमतों को सबसे बड़ा सपोर्ट कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से मिला है। तेल सस्ता होने से महंगाई का दबाव कम रहने की उम्मीद बढ़ी है। इसका असर बॉन्ड यील्ड पर भी पड़ा और सोने की मांग को सपोर्ट मिला। अमेरिकी डॉलर में भी बहुत ज्यादा तेजी नहीं आई, जिससे बुलियन को राहत मिली। जो ब्रेंट क्रूड कुछ दिन पहले 108 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा था, वह अब 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड करता दिखा है।

फेड के फैसले के बाद गिरा था सोना

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 16 सितंबर को ब्याज दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। इससे फेड रेट बढ़कर 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में पहुंच गई है। सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह के अनुसार, ब्याज दर बढ़ने के बाद शुरुआत में सोने पर दबाव देखने को मिला था, क्योंकि ज्यादा ब्याज दरें निवेशकों को ऐसे विकल्पों की ओर आकर्षित करती हैं, जिनसे नियमित रिटर्न मिलता है। लेकिन बाद में तस्वीर बदल गई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम की और सोने को फिर से खरीदारी का सपोर्ट मिल गया।

डॉलर है सोने के लिए बड़ी चुनौती

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में फेड के फैसले के बाद बढ़त जरूर आई, लेकिन तेजी सीमित रही। डॉलर फिलहाल करीब 100.2 के स्तर पर बना हुआ है और सात सप्ताह के ऊंचे स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। डॉ रवि के अनुसार, आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर दूसरे देशों की करेंसी में सोना महंगा हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग पर दबाव पड़ सकता है। इसके उलट डॉलर में कमजोरी सोने के लिए मददगार साबित होती है।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

Giottus.com के सीईओ विक्रम सुब्बराज के मुताबिक भारतीय निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि हाल की गिरावट के बाद सोने में मजबूत रिकवरी हुई है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव अभी काफी ज्यादा है। उनके मुताबिक अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी यील्ड करीब 5 फीसदी के आसपास बनी हुई है, जबकि ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। इन दोनों में बदलाव होने पर सोने की दिशा भी तेजी से बदल सकती है। भारतीय बाजार में रुपये की चाल भी अहम रहेगी। अगर रुपया कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की गिरावट का असर घरेलू कीमतों पर कम पड़ सकता है।

सुब्बराज का कहना है कि मौजूदा तेजी को देखकर निवेशकों को सिर्फ तेजी पकड़ने के लिए खरीदारी नहीं करनी चाहिए। लंबी अवधि के निवेश के लिए चरणबद्ध तरीके से निवेश करना उतार-चढ़ाव को संभालने का एक तरीका हो सकता है। वहीं, लीवरेज के साथ ट्रेडिंग करने वालों को पोजीशन का आकार सीमित रखने और सख्त स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

आगे किन चीजों पर रहेगी बाजार की नजर?

च्वाइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बनी है। इसका असर बॉन्ड यील्ड में भी नरमी के रूप में दिखा, जिससे बुलियन को सपोर्ट मिला। उनके मुताबिक चीन की ओर से सोने के भंडार में बढ़ोतरी और अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग में कमी ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सपोर्ट दिया है। अब निवेशकों की नजर मिडिल ईस्ट के हालात, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों और ब्याज दरों से जुड़े अगले संकेतों पर रहेगी।

कुल मिलाकर, सोने ने हाल की गिरावट से अच्छी वापसी की है, लेकिन आगे की चाल एकतरफा नहीं मानी जा सकती। ब्याज दर, बॉन्ड यील्ड, डॉलर, कच्चा तेल, रुपये की चाल और वैश्विक घटनाक्रम मिलकर आने वाले दिनों में सोने की कीमत तय करेंगे।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)