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India-EU FTA: पाकिस्तान और बांग्लादेश में फैली बेचैनी, भारत-EU डील से लुढ़क सकता है इन ​मुस्लिम देशों का वस्त्र उद्योग

भारत-EU फ्री ट्रेड डील से भारत को यूरोपीय बाजार में बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। वहीं, पाकिस्तान और बांग्लादेश को अपने निर्यात, खासकर टेक्सटाइल सेक्टर में नुकसान की चिंता सता रही है।
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Jan 30, 2026
india eu fta
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से बातचीत के बाद इस व्यापार समझौते में ठोस प्रगति हुई है। यह डील केवल भारत और यूरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे दक्षिण एशिया के व्यापारिक संतुलन पर पड़ रहा है। मुख्य खबर यह है कि भारत-EU फ्री ट्रेड डील से जहां भारत को बड़ा बाजार और शुल्क राहत मिलेगी, वहीं पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों की चिंता तेजी से बढ़ गई है।

भारत-EU ट्रेड डील का असर

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजार में कम या शून्य शुल्क पर पहुंच मिलने की संभावना है। खासतौर पर टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मा और आईटी सेवाओं को सीधा लाभ होगा। भारत की मजबूत सप्लाई चेन, सस्ती ऊर्जा और कच्चे माल की उपलब्धता उसे प्रतिस्पर्धा में आगे रखती है। यही कारण है कि यूरोपीय कंपनियां भारत को लॉन्ग टर्म पार्टनर के रूप में देख रही हैं।

बांग्लादेश की चिंता क्यों बढ़ी

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा गारमेंट सेक्टर पर टिका है, जो मुख्य रूप से यूरोपीय बाजार पर निर्भर करता है। अभी तक बांग्लादेश को एलडीसी दर्जे के कारण यूरोप में शुल्क मुक्त पहुंच मिलती रही है, लेकिन आने वाले सालों में यह सुविधा खत्म हो सकती है। भारत-EU डील लागू होने के बाद भारतीय कपड़ा उद्योग बांग्लादेश से ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकता है। इससे बांग्लादेश के निर्यात और रोजगार पर सीधा असर पड़ने की आशंका है, जिससे बांग्लादेश के गारमेंट निर्यात में अरबों डॉलर की भारी गिरावट आ सकती है।

पाकिस्तान के लिए भी बढ़ा दबाव

पाकिस्तान को यूरोपीय संघ में जीएसपी-प्लस के तहत कुछ व्यापारिक रियायतें मिलती रही हैं, लेकिन भारत की एंट्री से उसका लाभ कम हो सकता है। टेक्सटाइल निर्यात में भारत की लागत कम होने और उत्पादन क्षमता ज्यादा होने से पाकिस्तान के ऑर्डर खिसकने का खतरा है। साथ ही, पाकिस्तान के मुकाबले भारत को मानवाधिकार या पर्यावरण मानकों से जुड़ी सख्त शर्तों का सामना भी कम करना पड़ता है, जिससे उसकी स्थिति और मजबूत होती है।

Updated on:
30 Jan 2026 01:10 pm
Published on:
30 Jan 2026 01:09 pm