PAN Card Rules: पैन से जुड़े नियमों में कई बदलाव हो गए हैं। अब सालाना 10 लाख रुपये तक की नकदी बिना पैन के बैंक खाते में जमा करा सकते हैं।
PAN Card Rules: पैन कार्ड बनवाना है, तो अब सिर्फ आधार से काम नहीं चलेगा। 1 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू हो गए हैं और इनका सीधा असर हर उस व्यक्ति पर पड़ेगा, जो नया PAN बनवाने की सोच रहा है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जन्मतिथि का प्रमाण अब अनिवार्य हो गया है। पहले आधार कार्ड अकेला काफी था। अब आधार के साथ जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या मजिस्ट्रेट द्वारा जारी शपथपत्र में से कोई एक दस्तावेज भी देना होगा।
एक और अहम बदलाव हुआ है। PAN कार्ड पर नाम अब बिल्कुल वैसा ही होगा जैसा आधार में है। कोई भी फर्क या बदलाव अब मान्य नहीं होगा। आवेदन फॉर्म भी बदल गए हैं। भारतीय नागरिकों और कंपनियों के लिए अब Form 93 है जो पहले Form 49A था। विदेश में रहने वाले भारतीयों और अन्य संस्थाओं के लिए Form 95 है जो Form 49AA की जगह आया है।
नकद जमा की सीमा बदली है। पहले एक दिन में 50,000 से ज़्यादा जमा करने पर PAN देना पड़ता था। अब यह सालाना 10 लाख रुपये की सीमा हो गई है। किसी एक व्यक्ति के सभी बैंक खातों को मिलाकर अगर पूरे साल में 10 लाख से ज़्यादा नकद जमा हुए तो आयकर विभाग की नजर पड़ेगी।
गाड़ी खरीदने-बेचने पर भी नियम ढीले हुए हैं। पहले किसी भी गाड़ी पर, चाहे दो पहिया हो या चार पहिया, PAN देना पड़ता था। अब 5 लाख रुपये से कम की गाड़ी के लिए PAN जरूरी नहीं होगा।
होटल और रेस्तरां में पेमेंट पर PAN की सीमा 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये हो गई है। मकान या जमीन खरीदने-बेचने की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है। बीमा प्रीमियम पर पहले 50,000 रुपये की सीमा थी, अब इसे बीमा कंपनियों के साथ व्यापक लेनदेन तक बढ़ाया जा सकता है।
NSDL या UTIITSL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। भारतीय नागरिक Form 93 भरें। आधार और जन्मतिथि प्रमाण अपलोड करें। फीस ऑनलाइन जमा करें। आवेदन जमा करने के बाद पावती नंबर संभालकर रखें।