Petrol Diesel Prices Today: क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 4.22 फीसदी और क्रूड ऑयल WTI 5.46 फीसदी उछल गया है।
Petrol Diesel Prices Today: सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपये घटाई। खबर आई तो लगा राहत मिलेगी। लेकिन पेट्रोल पंप पर जाकर देखा तो दाम वही के वही। एक पैसा भी कम नहीं हुआ। शनिवार को भी देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं। इनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
दरअसल तेल कंपनियां पहले से ही घाटे में चल रही हैं। कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं और उस घाटे को पूरा करने में ड्यूटी कटौती का पूरा फायदा खप गया। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी खुद कह चुके हैं कि तेल कंपनियों को बहुत ज़्यादा नुकसान हो रहा है। सरकार के संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा कि सरकार के सामने दो रास्ते थे, बोझ जनता पर डालें या खुद उठाएं। सरकार ने दूसरा रास्ता चुना। यानी राहत मिली, बस आम आदमी तक नहीं पहुंची।
28 मार्च को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहे। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर टिका है। मुंबई में पेट्रोल 103.50 और डीजल 90.03 रुपये पर है। हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा है, 107.46 रुपये प्रति लीटर। वहीं, यहां डीजल 95.70 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। जयपुर में पेट्रोल 104.72 और डीजल 90.21 रुपये प्रति लीटर है। लखनऊ और चंडीगढ़ में पेट्रोल 94 रुपये के आसपास है। पटना और भोपाल में 106 रुपये प्रति लीटर है।
| शहर | पेट्रोल (रु./लीटर) | डीजल (रु./लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 103.50 | 90.03 |
| चेन्नई | 100.80 | 92.39 |
| कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
| बेंगलुरु | 102.92 | 90.99 |
| हैदराबाद | 107.46 | 95.70 |
| जयपुर | 104.72 | 90.21 |
| लखनऊ | 94.73 | 87.81 |
| चंडीगढ़ | 94.30 | 82.45 |
| पटना | 106.11 | 91.77 |
| भोपाल | 106.17 | 91.57 |
| पुणे | 104.03 | 90.49 |
| अहमदाबाद | 94.48 | 90.16 |
| सूरत | 94.62 | 90.01 |
| विशाखापत्तनम | 108.35 | 96.22 |
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। ब्रेंट क्रूड 4.22 फीसदी या 4.56 डॉलर की बढ़त के साथ 112.6 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं, WTI क्रूड भी 5.46 फीसदी या 5.16 डॉलर की बढ़त के साथ 99.64 डॉलर प्रति बैरल पर है। वजह है अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई रुकने का डर। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से तेल खरीदकर पूरा करता है। ऊपर से रुपया डॉलर के मुकाबले कमज़ोर है, जिससे कच्चा तेल खरीदना और महंगा पड़ता जा रहा है।
इन दोनों का मिलाजुला असर यह है कि तेल कंपनियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें अभी बढ़ाई नहीं गई हैं। फिलहाल सरकार खुद घाटा उठा रही है, राज्यों के चुनावों का माहौल भी है, इसलिए भी कीमतों में राहत बनी रह सकती है।