
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को बहरीन पहुंचेंगे और इस राजशाही वाले देश में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। इससे पहले करीब 56 भारतीय व्यवसायियों ने बहरीन के अधिकारियों के साथ निवेश की संभावनाओं को लेकर बातचीत की।
पीएम मोदी के दौरे से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों और वित्तीय सेवाओं, आईसीटी और स्टार्टअप में दोनों तरफ से निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इन तकनीकों की मदद से अर्थव्यवस्थ बनाने की पहल
बहरीन के आर्थिक विकास बोर्ड (ईडीबी) सह-मुख्य निवेश अधिकारी (वित्तीय सेवाएं) डेविड पार्कर ने जीडीएन से कहा कि भारत को एक तरजीही बाजार के रूप में चिन्हित किया गया है, जो कि बहरीन को एक नवाचार-केंद्रित और फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ब्लॉकचेन का फायदा उठाते हुए ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की पहल का हिस्सा है।
साल के अंत में 12 नये कारोबारी बहरीन में शुरू करेंगे व्यवसाय
ईडीबी के दुनिया भर में 16 निवेश प्रोत्साहन कार्यालय हैं, जिसमें से तीन भारत में नई दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू में हैं। उन्होंने कहा, "हम बेंगलुरू में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए भर्तियां कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य हैदराबाद और चेन्नई में भी कार्यालय खोलने का है।" उन्होंने कहा कि कम से कम 12 नए भारतीय कारोबारी इस साल के अंत तक बहरीन में अपनी दुकानें स्थापित करेंगे, जो ईडीबी की पहल का नतीजा है।
तीन देशों के दौरे पर पीएम मोदी
बता दें कि प्रधानमंत्री चार दिनों के लिए तीन देशों की यात्रा पर गुरुवार को रवाना हो चुके हैं। उन्होंने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी भी दी। पीएम मोदी तीन देशों में पहले फ्रांस की यात्रा कर रहे हैं।
पीएम मोदी आज यानी 23 अगस्त के बीच मॉस्को में होंगे और द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। आर्टिकल 370 के समर्थन में हृस्ष्ट में भारत का साथ देने के बाद पीएम मोदी की पहली बार फ्रांस भी जायेंगे।
फ्रांस ने बंद दरवाजे के पीछे कश्मीर मामले पर संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत का साथ दिया और पाकिस्तान के इरादों को करारा झटका दिया।