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Maruti Suzuki Q1 Results: बिक्री बढ़ने के बावजूद पहली तिमाही में 11% गिरा कंपनी का मुनाफा, उधर रेवेन्यू में 36% का बड़ा उछाल

Maruti Suzuki Q1 Revenue: मारुति सुजुकी का जून 2026 तिमाही में मुनाफा 11% घट गया, जबकि कंपनी की बिक्री और रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। कच्चे माल की बढ़ती लागत और युद्ध के असर से मुनाफे पर दबाव रहा।
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भारत

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Pawan Jayaswal

Jul 31, 2026

Maruti Q1 Results

Maruti Suzuki के मुनाफे में गिरावट आई है। (PC: AI)

Maruti Suzuki Q1 Profit: मारुति सुजुकी ने जून 2026 तिमाही में कारों की अच्छी बिक्री दर्ज की है, लेकिन बढ़ती लागत ने कंपनी की कमाई पर ब्रेक लगा दिया। नतीजा यह रहा कि बिक्री और राजस्व बढ़ने के बावजूद कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 11% घट गया। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में 3,352 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी अवधि में यह 3,758 करोड़ रुपये था। दूसरी ओर परिचालन से होने वाला रेवेन्यू 36% बढ़कर 52,456 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

आखिर मुनाफा क्यों घटा?

मारुति के मुताबिक तिमाही के दौरान कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ीं। युद्ध की वजह से इनपुट कॉस्ट पर और दबाव आया। इसी कारण बिक्री बढ़ने के बावजूद मुनाफा घट गया। यानी कंपनी ने ज्यादा गाड़ियां बेचीं, लेकिन उन्हें बनाने की लागत भी काफी बढ़ गई। इसका सीधा असर लाभ पर पड़ा।

बिक्री के मोर्चे पर अच्छी परफॉर्मेंस

पहली तिमाही में मारुति की कुल बिक्री 29% बढ़ी। लगभग हर सेगमेंट में कंपनी ने मजबूत परफॉर्म किया। छोटी कारों की बिक्री 34% बढ़ी। SUV की बिक्री में 45% का भारी इजाफा हुआ। निर्यात 29% बढ़ा। वहीं, घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी बढ़कर 41.2% हो गई, जो पिछले साल की तुलना में 2.3 प्रतिशत अंक ज्यादा है। SUV सेगमेंट की परफॉर्मेंस खास मानी जा रही है, क्योंकि कुछ साल पहले तक इस सेगमेंट में मारुति अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे मानी जाती थी।

नए प्लांट का मिला फायदा

कंपनी ने बताया कि हरियाणा के खरखौदा स्थित दूसरे प्लांट से उत्पादन शुरू होने का फायदा पहली तिमाही में दिखाई दिया। नई उत्पादन क्षमता के कारण बाजार की मांग पूरी करना आसान हुआ और डीलरों के पास गाड़ियों का स्टॉक भी नियंत्रित रहा। तिमाही के अंत तक डीलर नेटवर्क में औसतन 13 दिन का इन्वेंट्री स्टॉक बचा था। इसे ऑटो इंडस्ट्री के लिहाज से स्वस्थ स्थिति माना जाता है।

क्लीन फ्यूल पर बढ़ाया दांव

तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन से जुड़े चार प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। पहले चरण में इन परियोजनाओं पर 561 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि शुरुआती प्रोजेक्ट्स के अनुभव के आधार पर भविष्य में इस कारोबार का और विस्तार करने पर फैसला लिया जाएगा। मारुति अब सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही नहीं, बल्कि हाइब्रिड तकनीक, CNG और बायोगैस जैसे क्लीन फ्यूल विकल्पों पर भी तेजी से काम कर रही है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

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